Pyre: लंदन पहुंची विनोद कापड़ी की फिल्म 'पायर', हासिल की कई बड़ी उपलब्धियां
Pyre In 16th London Indian Film Festival: विनोद कापड़ी की फिल्म 'पायर' को अब लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में दखाया जाएगा। आइए जानते हैं पूरा मामला।
विस्तार
निर्देशक विनोद कापड़ी की फिल्म 'पायर' ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह फिल्म अब 16वें लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा है। 22 जुलाई को इस फिल्म का बीएफआई लंदन में यूके प्रीमियर होने वाला है। विनोद कापड़ी की यह फिल्म हिमालय की पृष्ठभूमि पर आधारित है। 'पायर' में एक बुजुर्ग जोड़े के बारे में दिखाया गया है। वह एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं, लेकिन बदलते पहाड़ी समाज में जीवित रहने के लिए संघर्ष करते हैं। इससे पहले भी इस फिल्म ने कई बड़े प्रतिमान हासिल किए हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
इस फिल्म फेस्टिवल में हुआ प्रीमियर जीता अवॉर्ड
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता विनोद कापड़ी निर्देशित फिल्म ‘पायर’ का प्रीमियर पिछले साल नवंबर में तेलिन ब्लैक नाइट्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी हो चुका है। इस फिल्म को वहां खूब सराहा गया। इस फिल्म के प्रीमियर पर विनोद कापड़ी, दोनों बुजुर्ग कलाकारों को भी साथ लेकर गए।
फिल्म ने नवंबर 2024 में तेलिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल में ऑडियंस अवार्ड जीता था।
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इमेजिन इंडिया अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में मिले छह नामांकन
इसी साल मार्च में 'पायर' को स्पेन के मशहूर 24वें इमेजिन इंडिया अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में छह कटेगरी में नामांकित किया गया। विनोद कापड़ी की यह फिल्म सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ कहानी, सर्वश्रेष्ठ संगीत, सर्वश्रेष्ठ डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी और सर्वश्रेष्ठ म्यूजिक डिजाइनिंग के लिए नामांकित हुई है।
विनोद कापड़ी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया था कि उनकी फिल्म का प्रीमियर बेल्जियम में 'MOOOV' फिल्म फेस्टिवल में होगा।
फिल्म की कहानी
फिल्म 'पायर' को निर्देशक विनोद कापड़ी ने ही निर्देशित किया है, इसके राइटर भी वही हैं। फिल्म में दो बुजुर्ग ने अहम भूमिका निभाई है, इनके नाम पद्म सिंह और हीरा देवी हैं। फिल्म की कहानी हिमालय के एक सुदूर इलाके की है, जहां एक बुजुर्ग जोड़ा पद्म और तुलसी रहते हैं। इनकी दुनिया उजड़ने लगी है। दरअसल, इनके गांव में लगभग सभी लोगों ने पलायन कर लिया है। वह सोचते हैं कि जब मर जाएंगे तो उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा? अचानक एक दिन उनके पास एक खत आता है, जिसके बाद उन्हें जीने की आस जागती है? फिल्म इसी के आस पास घूमती है।