केबीसी 11 के पहले करोड़पति सनोज राज से खास मुलाकात, कहा- मंजिल अभी दूर है
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कौन बनेगा करोड़पति के 11वें सीजन को अपना पहला करोड़पति मिल गया है। बिहार के जहानाबाद से ताल्लुख रखने वाले सनोज राज ने शुक्रवार को प्रसारित हुए एपिसोड में एक करोड़ रुपए की धनराशि अपने नाम की। हालांकि वह सात करोड़ रुपये जीतने में कामयाब नहीं हो सके। लेकिन जीत-हार से दूर सनोज को शो का हिस्सा बनने पर अधिक खुशी है। केबीसी के अपने इस सफर के बारे में सनोज ने खुलकर अमर उजाला से बातचीत की और अपने इस सफरनामे के बारे में बताया।
बिहार के गांव के लड़के का केबीसी तक पहुंचने का सफर कैसा रहा?
मेरा जन्म बिहार के एक गांव में हुआ है। मेरे पिता एक किसान हैं। जीवन काफी गरीबी में बीता। लेकिन पिता जी ने हमें पढ़ाने में काफी मेहनत की। सरकारी स्कूल के हालात अच्छे नहीं थे तो प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया। मैंने भी समझा कि अगर आप संघर्ष करते हो तो गरीबी खराब नहीं है। बीटेक की पढ़ाई के दौरान ही कैंपस प्लेसमेंट हुआ। मेरा आईएस बनने का सपना है जिसकी तैयार मैं कर रहा हूं। बचपन से ही मैं केबीसी का दीवान रहा हूं। शो देखना और अमिताभ बच्चन को देखना अच्छा लगता था। धीरे-धीरे जब शो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा तो मैंने सोचा कि आखिर मैं क्यों नहीं इस शो में बैठ सकता हूं। बस इसी के बाद मैंने कोशिश करना शुरू कर दिया। सबसे पहले तो मैंने 17 साल की उम्र में ही शो के लिए अप्लाई कर दिया था। मुझे तो पता तक नहीं था कि इस शो में जाने की न्यूनतम आयु ही 18 साल है। जिसके बाद मैंने लगातार आठ सालों तक कोशिश की और इस बार मुझे पहली बार मौका मिला। अब मुझे काफी लोग जानते हैं। जानने वालों की भी काफी शुभकामनाएं आ रही हैं।
अमिताभ बच्चन से पहली मुलाकात कैसी रही?
जब में फास्टेस्ट फिंगर टेस्ट के लिए बैठा हुआ था और जब अमिताभ बच्चन सामने आए तो मेरा मुंह खुला का खुला रह गया था। मैं सोचने लगा कि यही अमिताभ बच्चन हैं जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं? उसके बाद जब हॉट सीट पर मैं उनके सामने बैठा तो मेंरे दिमाग में काफी कुछ चल रहा था। मुझे लगा उनके सामने काफी सोच-समझ कर बोलना पड़ेगा। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने मुझे सहज कर दिया। मुझे लगने लगा कि कोई सालों पहले खोया दोस्त है।
केबीसी में आने के बाद आपने क्या आपको लगा था कि आप इतनी बड़ी रुपए जीत पाएंगे?
हां, मुझे ये हमेशा लगता था कि अगर मेरी किस्मत ठीक रही तो मैं 50 लाख से एक करोड़ रुपए तक जीत सकता हूं।
कुछ सोचा है कि इतनी रकम का क्या करेंगे?
अभी मेरा सारा ध्यान सिविल सर्विस मेन्स के एग्जाम की तरफ है तो अभी मेरे दिमाग में पैसे को लेकर कुछ भी नहीं चल रहा है। शो में भी अमिताभ सर से लेकर सारे क्रू मेंबर्स ने यही सलाह दी की तुम्हें एग्जाम पर फोकस करना है। मेरा भी मानना है कि यह बस एक पड़ाव है मंजिल अभी दूर है।
आपकी इस कामयाबी पर आपके घरवाले कितने खुश हैं?
पैसो से अधिक कामयाबी ये है कि अब हर कोई मुझे जान रहा है। मैं घर में नहीं गया हूं लेकिन जिस स्कूल में मैं पढ़ता था उसके प्रिसिंपल मेरे पिता जी से कह रहे हैं कि आपने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है आप आइए हम आपका सम्मान करना चाहते हैं। मुझसे ज्यादा लोग मेरे पिता को बुला रहे हैं।
अचानक मिली इस शोहरत को आप कैसे देख रहे हैं?
यह शोहरत मुझे नहीं हर उस इंसान को मिल रही है जो जमीन से उठकर संघर्ष करता है और अपनी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। इस शोहरत का मैं सिर्फ एक हिस्सा हूं।
और अधिक पैसे ना जीत पाने का क्या मलाल है?
पैसे जीतने से भी कहीं अधिक आवश्यक गेम खेलना है, अमिताभ बच्चन से बात करना है। उनके सामने बैठना है। यह एक ऐसा मंच है जहां पूरा देश ही नहीं बल्कि दुनिया भी आपको देखती है।
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