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3000 शो कर चुके सुशील ने बताई नए जमाने की कॉमेडी की चुनौतियां

Wed, 30 Dec 2015 01:25 PM IST
Updated Wed, 30 Dec 2015 01:25 PM IST
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comedian sushil kharbanda in amar ujala special programme

3000 से ज्यादा स्टेज शो कर चुके भारत के जाने माने कॉमेडियन सुशील खरबंदा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में खुलकर अपनी बात कही।

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सुशील खरबंदा को 20 साल से ज्यादा वक्त हो गया है लोगों को हंसाते हुए। 1992 में पहली बार कॉलेज खत्म कर उन्होंने एक एमयूजमेंट पार्क से बतौर एंकर अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

हाल ही में उत्तरखांड के जिम कॉर्बेट में हुए अमर उजाला के खास कार्यक्रम में सुशील खरबंदा पहुंचे। कार्यक्रम के बाद हमने उनसे ना सिर्फ उनके करियर के बारे में बात की बल्कि उनकी निजी जिंदगी, देश और बॉलीवुड समेत कई मुद्दों पर बात की।
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लॉफ्टर चैलेंज समेत कई बड़े कार्यक्रमों का हिस्सा रहे सुशील खरबंदा ने बताया कि हर आदमी जिंदगी भर किसी ना किसी से कुछ सीखता रहता है। उन्होंने भी कई लोगों से सीखा है। लेकिन वो किसी को रोल मॉडल नहीं मानते। उनका कहना है कि जब आप किसी को पूरी तरह जिंदगी में उतारने की कोशिश करते हैं, तो खुद को भूल जाते हैं।

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'अब तो चुटकुला रातोरात पुराना हो जाता है'

comedian sushil kharbanda in amar ujala special programme

सुशील खरबंदा कहते है कि एक जमाना था, जब आप एक चुटकुला फैजाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सीवान और पटना में सुनाते थे। सब जगह ये चुटकुला नया होता था। वो कहते हैं कि अब आप शाम को किसी प्रोग्राम में कोई चुटकुला सुनाते हैं देहरादून और जयपुर का कोई दोस्त अगली सुबह वही चुटकुला आपको व्हाट्सएप कर देता है। उनका कहना है कि कहीं ना कहीं व्हाट्सएप और फेसबुक जैसी चीजों ने कॉमे‌डियन का काम मुश्किल कर दिया है।

नए लोग जो कॉमेडी करना चाहते हैं उनके लिए आप क्या कहेंगें? इस सवाल पर सुशील खरबंदा कहते हैं कि वो तो सिर्फ इतना ही कहेंगे कि जो आपका अपना है उस पर ही काम कीजिए और ध्यान दीजिए। कभी भी किसी बड़े नाम को कॉपी करने की कोशिश मत कीजिए।

कॉमेडी में बढ़ रही फूहड़ता और अश्लीलता पर कॉमेडियन ने कहा कि ये सच है, कुछ लोगों ने जल्दी मशहूर होने के लिए अश्लीलता का सहारा लिया है। सुशील का कहना है कि फूहड़ता से कुछ देर के लिए जरूर आप सीटियां और तालियां बटोर लेंगे लेकिन ये ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती।

'आज तो मैं बहुत डरा हुआ था'

comedian sushil kharbanda in amar ujala special programme

अमर उजाला के स्टाफ के साथ अपने अनुभव पर सुशील खरबंदा ने कहा कि पत्रकारों का कोई पता नहीं कहां से क्या सवाल निकाल बैठें। इसलिए जब उनको इस प्रोग्राम का न्यौता मिला तो वो हिचकिचाए थे। लेकिन उनका पत्रकारों के हंसाने का ये अनुभव शानदार रहा।

उन्होंने अपने बचपन की यादों तो साझा करते हुए बताया कि उनका बचपन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में बीता। जहां वो अखबार का मतलब अमर उजाला ही समझते थे। क्योंकि इसी अखबार को वो अपने घर में बुजुर्गों को पढ़ते हुए देखते थे।

सरदारों पर बन रहे चुटकुलों पर चल रहे कोर्ट केस और तमाम खींचतान पर उन्होंने कहा कि किसी पर भी चुटकुले बनने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन हंसाने के नाम पर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आधार किसी को नहीं होना चाहिए।

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