Anubhav Bassi: 'आपके पास कोई और काम नहीं है', बस्सी के खिलाफ याचिका लेकर आए वकील को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने शो 'बस कर बस्सी' में कथित तौर पर वकीलों और न्यायिक प्रणाली को अपमानित करने के लिए स्टैंड-अप कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी है।
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यूट्यूब पर अपनी कॉमेडी के लोगों को हंसाने वाले स्टैंड अप कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी पिछले दिनों कानूनी पचड़े पर फंस गए थे। उन पर आरोप लगा था कि एमजॉन प्राइम के 'बस कर बस्सी' शो में अनुभव बस्सी ने न्यायपालिका और कानून से जुड़े लोगों को नकारात्मक तरीके से पेश किया है। उन्होंने कहा कि शो में बस्सी ने न्यायपालिका, कानून के पेशे और वकीलों को बदनाम किया गया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है।
वकील ने अनुभव सिंह बस्सी पर लगाया था यह आरोप
17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने शो 'बस कर बस्सी' में कथित तौर पर वकीलों और न्यायिक प्रणाली को अपमानित करने के लिए स्टैंड-अप कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि बस्सी ने अपने एक कार्यक्रम में अदालतों और वकीलों के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की है। जस्टिस संजय किशन कौल ने वकील को फटकार लगाते हुए उन से सवाल किया कि क्या आपके पास करने को कोई बेहतर काम नहीं जो ऐसी याचिका दाखिल कर दी।
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कोर्ट ने वकील को लगाई फटकार
कोर्ट ने वकील फरहाज वारसी फटकार लगाते हुए आगे कहा कि अनुच्छेद 32 के तहत यह रिट याचिका क्या है? हम दोनों नहीं समझ सकते कि आप क्या चाहते हैं। आप का दावा है कि आप 20 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। अनुच्छेद 32 भारतीय नागरिकों को यह अधिकार देता है कि यदि उन्हें लगता है कि उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो वह सर्वोच्च न्यायालय जा सकते हैं, लेकिन यह मामला आर्टिकल 32 का नहीं है।
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कोर्ट ने वकील फरहाज वारसी को दी यह हिदायत
कोर्ट की फटकार के बाद याचिकाकर्ता ने कहा, ‘मुझे यूट्यूब पर 'बस कर बस्सी' नाम का एक वीडियो मिला और मैंने देखा कि बस्सी ने अधिवक्ताओं, न्यायिक प्रणाली को अपमानित किया है।’ इस पर पीठ ने कहा कि ऐसी चीजों का ध्यान रखने के लिए अन्य लोग भी हैं और वकील को अपनी चिंता करनी चाहिए।