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South Films: केरल फिल्म संस्था पर SC ने बरकरार रखा जुर्माना, तमिल-मलयालम फिल्म्स की स्क्रीनिंग से जुड़ा मामला

Sat, 27 Sep 2025 12:38 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: पूनम कंडारी Updated Sat, 27 Sep 2025 12:38 AM IST
सार

Kerala Film Exhibitors Federation Case: सुप्रीम कोर्ट ने केरल फिल्म संस्था पर एक कठोर फैसला दिया है। इस संस्था पर लगे पुराने जुर्माने को भी बरकरार रखा है। यह पूरा मामला तमिल-मलयालम फिल्मों की स्क्रीनिंग से जुड़ा हुआ है। 

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Supreme Court Upholds Penalties On Kerala Film Body For Not Screening Tamil And Malayalam movies
केरल सिनेमाघरों में नहीं रिलीज की गई तमिल और मलयालम फिल्में - फोटो : एक्स (ट्विटर)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (CCI) के एक पुराने फैसले को बहाल कर दिया। इस फैसले में केरल फिल्म एग्जीबिटर फेडरेशन (केएफईएफ) पर पुराने जुर्माने को भी बरकरार रखा है। दरअसल, इस संस्था और इसके अधिकारियों ने अपने सिनेमाघरों में तमिल और मलयालम फिल्मों की रिलीज से इनकार किया था। ऐसा करके इन्होंने प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार किया, जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना लगाया। 

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कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया के फैसले को बरकरार रखा
जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने कॉम्पिटिशन अपीलेट ट्रिब्यूनल (COMPAT) के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें जुर्माना हटाया गया था। कोर्ट ने कहा, ‘हम कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (CCI) की अपील को स्वीकार करते हैं और कॉम्पिटिशन अपीलेट ट्रिब्यूनल का 4 फरवरी 2016 का फैसला रद्द करते हैं। 
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दरअसल, कॉम्पिटिशन अपीलेट ट्रिब्यूनल ने केरल फिल्म एग्जीबिटर फेडरेशन के अध्यक्ष पीवी बशीर अहमद और महासचिव एमसी बॉबी पर लगे जुर्माने और निर्देशों को हटाया था। अब कोर्ट ने 8 सितंबर 2015 के कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया द्वारा दिए गए फैसले को बहाल किया।
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संस्था के काम से दूर रहने के दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केरल फिल्म एग्जीबिटर फेडरेशन को यह भी कहा कि अध्यक्ष और महासचिव को दो साल तक संगठन के किसी भी काम-काज, जैसे प्रशासन, प्रबंधन या संचालन से दूर रखना होगा। यह अवधि 1 दिसंबर से शुरू होगी। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि CCI के सभी निर्देशों का पालन तीन महीने के भीतर किया जाए और इसकी रिपोर्ट भी जमा की जाए। 

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क्या है पूरा मामला 
यह मामला तब शुरू हुआ जब क्राउन थिएटर ने कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया में शिकायत की थी।  उन्होंने बताया कि केरल फिल्म एग्जीबिटर फेडरेशन और उसके अधिकारी यह तय करते हैं कि नई तमिल और मलयालम फिल्में उनके थिएटर में ना दिखाई जाएं। जांच के बाद कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया ने पाया कि ये आरोप सही हैं। इसके बाद केरल एग्जीबिटर फेडरेशन और उसके दो अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया। जब आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो CCI ने दोनों अधिकारियों को दो साल तक फेडरेशन से दूर रहने का निर्देश दिया। बाद में केरल एग्जीबिटर फेडरेशन और उसके अधिकारी कॉम्पिटिशन अपीलेट ट्रिब्यूनल पहुंचे, जिसने सजा को कम कर दिया। इसके खिलाफ कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। 

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