केरल फिल्म फेस्टिवल में फिल्मों की स्क्रीनिंग पर इसलिए लगी रोक, साउथ के निर्देशकों ने जताई नाराजगी
IFFK: केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल को इस समय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई फिल्मों की स्क्रीनिंग रोक दी गई है। इस पर निर्देशकों ने नाराजगी जताई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिन फिल्मों को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की तरफ से सर्टिफिकेट नहीं मिलता है, उन्हें आमतौर पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय से एक खास 'छूट सर्टिफिकेट' लेना होता है। इसके बाद इसे फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया जाता है। इस सर्टिफिकेट के न मिलने की वजह से ही IFFK में दिक्कतें शुरू हुई हैं।
डायरेक्टर अदूर गोपालकृष्णन ने IFFK 2025 में 'द आवर ऑफ द फर्नेसेज' और 'बैटलशिप पोटेमकिन' जैसी क्लासिक फिल्मों पर बैन लगाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। डायरेक्टर ने कहा कि आयोजकों को सिनेमा के बारे में पूरी समझ नहीं है। उन्होंने कहा 'मैंने इन फिल्मों के बारे में अपने स्कूल के दिनों में जाना था। इन्हें बैन करना एक मजाक जैसा है। आप इसे रोक नहीं सकते।'
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: On the International Film Festival of Kerala screening crisis, Filmmaker Adoor Gopalakrishnan says, ".... It is like a joke to ban it because almost all of us have these films at home... They should reconsider banning these films. Their… pic.twitter.com/BegPjRr6N7
— ANI (@ANI) December 15, 2025
फिल्म डायरेक्टर कमल ने भी 'बेजर चिप पोटेमकिन' जैसी फिल्मों पर बैन लगने पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा 'यह प्रतिबंध बहुत निराशाजनक है और मुझे इस पर बहुत गुस्सा आ रहा है। उन्होंने 'बेजर चिप पोटेमकिन' फिल्म को बैन कर दिया है। क्यों? क्लासिक सिनेमा का इतिहास इसी से शुरू होता है। वे उस फिल्म को बैन कर रहे हैं। क्यों?'
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: On the International Film Festival of Kerala screening crisis, Film Director Kamal says, "(It is) very disappointing and I am furious about this ban. I don't know why they are banning... They give the permissions for all the film festivals..." pic.twitter.com/TNiO9EhPvN
— ANI (@ANI) December 15, 2025
इंटरनेशनल लेवल पर मशहूर कई क्लासिक फिल्मों की स्क्रीनिंग पर असर पड़ा है, जिससे फेस्टिवल में आए दर्शकों को परेशानी हो रही है।
खबरों के मुताबिक, आयोजक इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए अधिकारियों से बात कर रहे हैं।