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Hindi News ›   Entertainment ›   Shefali Shah talks about Parenting sons in The age Of alpha male culture and traditional gender roles

Shefali Shah: 'बेटों की परवरिश सही होगी, तो हमारी बेटियां महफूज रहेंगी'; पेरेंटिंग पर बोलीं शेफाली शाह

Sun, 17 May 2026 12:30 PM IST
Jyoti Raghav एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Jyoti Raghav Updated Sun, 17 May 2026 12:30 PM IST
सार

Shefali Shah On Raising Boys: शेफाली शाह हाल ही में पेरेंटिंग को लेकर बात करती दिखीं। खासकर उन्होंने अल्फा मेल कल्चर के दौर में बेटों की परवरिश को लेकर अपनी राय रखी।

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Shefali Shah talks about Parenting sons in The age Of alpha male culture and traditional gender roles
शेफाली शाह-विपुल अमृतलाल शाह और उनके बेटे - फोटो : इंस्टाग्राम

विस्तार

अभिनेत्री शेफाली शाह ने बच्चों की परवरिश को लेकर अपना नजरिया पेश किया है। खासकर ऐसी दुनिया में, जहां अल्फा मेल कल्चर और पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं को लेकर जोरदार बहसें चल रही हैं। शेफाली ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बेटों को परवरिश का एक बेहद सीधा-सादा नियम सिखाया है और उनका मानना है कि अच्छी परवरिश के नतीजे सामने आने से बहुत पहले ही इसकी शुरुआत हो जाती है। उन्होंने क्या कहा? जानिए

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Shefali Shah talks about Parenting sons in The age Of alpha male culture and traditional gender roles
शेफाली शाह-विपुल अमृतलाल शाह और उनके बेटे - फोटो : इंस्टाग्राम

अल्फा मेल और ट्रेडिशनल पत्नी वाली सोच से कैसे निपटा जाए?
शेफाली शाह ने मां बनने और बेटों की परवरिश के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने लिली सिंह के पॉडकास्ट पर इस बारे में बेझिझक अपनी बात रखी। एक्ट्रेस से जब पूछा गया कि दो बेटों की परवरिश करते समय 'अल्फा मेल' और 'पारंपरिक पत्नी' वाली सोच से कैसे निपटा जाए? इस पर अभिनेत्री ने कहा, 'हमारी बेटियां तभी सुरक्षित रहेंगी, जब हमारे बेटों की परवरिश सही तरीके से होगी। मैंने एक ऐसी बात सोची जो मैंने उन्हें बताई और मुझे लगता है कि यह बात हर किसी पर लागू होती है। आप दूसरों के साथ वैसा ही बर्ताव करें, जैसा आप खुद अपने साथ होने की उम्मीद करते हैं। यह सच में आसान है। इसमें न कुछ ज्यादा है और न ही कुछ कम'।

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बोलीं- 'जब वे 30 के होंगे तभी मालूम होगा कि...'
शेफाली शाह ने आगे कहा, 'बाकी सब... बहुत शोर-शराबा है। क्या आप चाहेंगे कि आपके साथ ऐसा बर्ताव हो? नहीं? तो किसी दूसरे इंसान के साथ भी ऐसा मत कीजिए'। शेफाली शाह ने माता-पिता के कंट्रोल की सीमाओं और बच्चों की परवरिश में आने वाली अनिश्चितता के बारे में भी बात की, क्योंकि बड़े होकर बच्चे आखिरकार अपनी खुद की सोच बनाते हैं। उन्होंने कहा, 'क्या मैं कामयाब हुई? यह मुझे तभी पता चलेगा जब वे 30 साल के हो जाएंगे'।

'मैं जिम्मेदारी नहीं लूंगी'
शेफाली ने अपने दोनों बेटों को लेकर कहा, 'वे बड़े हो रहे हैं। उनके अपने विचार होंगे। वे हर उस बात को गलत साबित करना चाहेंगे, जो कोई बड़ा, कोई माता-पिता या कोई मां कहती है। अगर वे बुरा बर्ताव करते हैं, तो मैं उसकी जिम्मेदारी नहीं लूंगी। मैं नहीं ले सकती। मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उस इंसान का अपना दिमाग है। मैंने जितना हो सका, उतना अच्छा किया। मुझे लगता है कि वे काफी हद तक ठीक ही बने हैं'। बता दें कि शेफाली शाह की शादी फिल्ममेकर विपुल अमृतलाल शाह से हुई है। कपल के दो बेटे हैं- आर्यमन और मौर्य। 

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