Kishore Kumar: बच्चों ने किया किशोर दा को याद, समाधि पर 'तेरे जैसा यार कहां' गाकर अर्पित किए श्रद्धासुमन
किशोर कुमार की बर्थ एनिवर्सरी पर खंडवा के एक स्कूल के बच्चों ने उनकी समाधि पर जाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। बच्चों ने किशोर दा का गीत गाकर उन्हें याद भी किया।
विस्तार
04 अगस्त का दिन संगीत प्रेमियों के लिए बेहद खास था। दरअसल, रविवार को दिवंगत गायक किशोर कुमार की बर्थ एनिवर्सरी थी, जिसके चलते किशोर दा के लाखों प्रशंसकों ने उन्हें याद किया था। अलग-अलग शहरों में बसे उनके चाहने वालों ने कुछ-कुछ कार्यक्रम भी आयोजित कराए, लेकिन सबसे खास कार्यक्रम खंडवा के विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आयोजित किया गया।
किशोर कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। जाहिर है कि वहां के लोगों का उनसे खास लगाव है। इसी लगाव के चलते विद्याकुंज इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों और अध्यापकों ने किशोर दा की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान गीत भी गाए गए।
स्कूल में संगीत सिखाने वाले एक गुरु ने सेक्सोफोन के जरिए किशोर कुमार के खास गीतों को बजाया और संगीत की दुनिया की महान हस्ती को संगीत के द्वारा ही श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने 'तेरे जैसा यार कहां' और 'मेरे नैना सावन भादो' को बजाया। स्कूल के बच्चों ने सुर में सुर मिलाते हुए 'तेरे जैसा यार कहां' गाने को गाया। किशोर दा का यह गाना फ्रेंडशिप डे पर खूब गाया जाता है और 04 अगस्त को फ्रेंडशिप डे भी था।
Superstar Singer 3: अविर्भव-अथर्व ने जीता सुपरस्टार सिंगर 3 का खिताब, प्राइज मनी में जीते इतने लाख रुपये
किशोर कुमार ने हिंदी के अलावा मलयालम, बंगाली, कन्नड़, मराठी, असमिया और गुजराती भाषा में भी कई गानें गाए थे। किशोर दा के गाए, दिए जलते हैं फूल खिलते हैं, कोई हमदम ना रहा, एक लड़की भीगी भागी सी, छेड़ों ना मेरी जुल्फें, ओ मेरे दिल के चैन, हमें तुमसे प्यार कितना, तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती, प्यार दीवाना होता है, मेरे सपनों की रानी, एक अजनबी हसीना से, आपकी आंखों में कुछ, फिर सुहानी शाम ढली और ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे समेत कई गीतों को लोग आज भी सुनते हैं।
Amar Ujala Samvad 2024: संवाद में दीपा मलिक ने की जॉन अब्राहम की तारीफ, कहा- जब कोई मदद नहीं करता था, तब...