The Revolutionaries: क्रांति की मशाल लेकर निकले आजादी के दीवाने; 'द रिवोल्यूशनरीज' के किरदारों से उठा परदा
The Revolutionaries: आगामी पीरियड एक्शन ड्रामा सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' के किरदारों से परदा उठ गया है। इसमें प्रतिभा रांटा, भुवन बाम और गुरफतेह सिंह पीरजादा अहम भूमिकाओं में हैं।
विस्तार
देश की आजादी से पहले 1857 की क्रांति के दौर पर एक वेब सीरीज आ रही है। 'द रिवोल्यूशनरीज' की इस पीरियड एक्शन सीरीज को लेकर काफी चर्चा हैं। निखिल आडवाणी निर्देशित सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। आज मंगलवार को इसके किरदारों से परदा उठा है। 'द रिवोल्यूशनरीज' में भुवन बाम, गुरफतेह सिंह और प्रतिभा रांटा अहम भूमिकाओं में हैं। जानिए कौन किस भूमिका में दिखेगा?
रासबिहारी बोस की भूमिका में दिखेंगे भुवन बाम
'द रिवोल्यूशनरीज' सीरीज में भुवन बाम को स्वतंत्रता सेनानी रासबिहारी बोस की भूमिका में देखा जाएगा। उनके किरदार की झलक साझा करते हुए लिखा है, 'योजना बनाई, विश्वास किया, गर्व के साथ नेतृत्व किया। मिलिए रास बिहारी बोस से'।
वीडियो में आजादी-आजादी की पुकार सुनाई दे रही है। इसके साथ कहा जा रहा है, 'अंग्रेजी हुकूमत को ललकारा। खौफ को सामने से पुकारा। चुनौतियों को हंसकर स्वीकारा। गदर मचाने सबसे आगे। सरफिरे 'द रिवोल्यूशनरीज'।
प्रतिभा लाहिड़ी की भूमिका में प्रतिभा रांटा
फिल्म 'लापता लेडीज' फेम एक्ट्रेस प्रतिभा रांटा इस सीरीज में प्रतिभा लाहिड़ी के रोल में नजर आएंगी। वे निडर क्रांतिकारी बनी दिखी हैं। अंग्रेजों की हुकूमत से आजादी के लिए हाथों में बंदूक थामे उनका किरदार दमदार है।
बाघा जतिन बन मिशाल थामे नजर आए गुरफतेह सिंह
गुरफतेह सिंह पीरजादा को सीरीज में क्रांतिकारी यतीन्द्रनाथ मुखर्जी की भूमिका में देखा जाएगा, जो अपने साथियों के बीच बाघा जतिन के नाम से लोक्रप्रिय थे।
कब रिलीज होगी सीरीज?
अभिनेता रोहित सराफ भी इस सीरीज का हिस्सा हैं और वे महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी सचिंद्र नाथ सान्याल का किरदार प्ले करेंगे। बता दें कि सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' 11 सितंबर 2026 से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।
इस किताब पर आधारित है सीरीज
‘द रिवोल्यूशनरीज’ संजीव सान्याल की किताब ‘रिवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वन इट्स फ्रीडम’’ पर आधारित है। इस सीरीज की कहानी उन बहादुर युवा भारतीय क्रांतिकारियों की है जो ब्रिटिश राज को खत्म करने के लिए सशस्त्र संघर्ष को जरूरी मानते थे। 'द रेवोल्यूशनरी' उनके जीवन, बलिदान और देश के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है।