The Fall Guy Review: ‘डेडपूल 3’ से पहले ‘डेडपूल 2’ के निर्देशक का धमाका, इस स्टंट डबल से आपको प्यार हो जाएगा
अपने समय में बेहद लोकप्रिय रहे टेलीविजन धारावाहिकों को फिल्मों में बदलने के प्रयोग जैसे भारत में ‘खिचड़ी’ और ‘शक्तिमान’ को लेकर होते रहे हैं, वैसा ही एक प्रयोग है फिल्म ‘द फॉल गाय’ जो इसी नाम से कोई चार दशक पहले बनी टीवी सीरीज पर बनी फिल्म है। फिल्म का सबसे सटीक बिंदु जो सीधे दर्शकों के सीने पर हकीकत की तरह आकर टकराता है, वह ये है कि दुनिया भर में एक्शन फिल्मों का दौर शुरू से रहा है, लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर ये एक्शन रचने वाले तकनीशियनों और कलाकारों को सितारों से सजी पुरस्कारों की शाम में अक्सर भुला दिया जाता है। सुपरसितारों के बॉडी डबल, डुप्लीकेट या कहें कि स्टंट डबल ऐसे मौके पर याद ही नहीं किए जाते और ऐसे ही एक स्टंट डबल की कहानी है फिल्म ‘द फॉल गाय’।
कहानी एक मजाकिया स्टंट डबल की
हॉलीवुड फिल्म के एक सेट पर शुरू होने वाली फिल्म ‘द फॉल गाय’ शुरू में ही अपने हीरो को इतनी ऊंचाई से गिरा देती है कि दर्शकों को भी लगने लगता है कि क्या ही लाइफ है ये स्टंट करने वालों की। ये कोल्ट है। वह सुपरस्टार टॉम रायडर का स्टंट डबल है। ये स्टंट भी उसने दोबारा इसलिए किया ताकि हीरो को उसका चेहरा फ्रेम में बहुत नजदीकी से न दिखे। लेकिन, केबल में गड़बड़ होती है। वह आसमान सी ऊंचाई से गिरता है। रीढ़ की हड्डी में उसे चोट लगती है और वह सबकुछ छोड़कर कहीं गाड़ियां पार्क करने वाले वैले की नौकरी करने लगता है।
मोहब्बत के बुलावे पर वापसी
कोई डेढ़ साल बाद उसी फिल्म निर्माता को कोल्ट की याद आती है जिसके सेट पर उसके साथ हादसा हुआ था। तब एक्शन दृश्यों में कैमरा ऑपरेट करने वाली जोडी अब फिल्म निर्देशक बन चुकी है। दोनों में मोहब्बत भी थी और इसी मोहब्बत का हवाला देकर ये निर्माता कोल्ट को वापस बुलाती है। वह वापस आता भी है। अपनी खोई मोहब्बत को पाने की कोशिश भी करता है। और, दुखी होता है तो टेलर स्विफ्ट का गाना ‘ऑल इज वेल’ सुनकर टेसुए बहाता रहता है। लेकिन, कहानी इतनी सिंपल भी नहीं है। इसकी अंतर्धारा में कुछ और ही चल रहा है। उसे जोडी की मदद के लिए नहीं बल्कि किसी और साजिश के तहत बुलाया गया है और इस साजिश के पन्ने जैसे जैसे खुलते जाते हैं, फिल्म का रोमांच एक आम मसाला फिल्म जैसा होता जाता है।
एक्शन कॉमेडी में दर्शन शास्त्र
फिल्म ‘द फॉल गाय’ एक्शन में कॉमेडी पसंद करने वालों को पसंद आएगी। फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ भी धोखा खाए लोगों को खास तौर से। फिल्म के संवादों में हिट फिल्म के संवादों का इस्तेमाल मजेदार है। और, अगर फिल्म की शूटिंग का आपको जरा सा भी ज्ञान है तो फिल्म देखने का मजा डबल हो सकता है। और, इसे मजे के बीच बीच में जीवन दर्शन भी आता रहता है। जैसे, जब कोल्ट कहता है कि स्टंटमैन को जीवन में हर हाल में थम्स अप करना ही सिखाया जाता है। स्टंट खत्म होता है। स्टंट कोऑर्डिनेटर अपने साथी की तरफ भागता है और कबाड़ा हो चुका कार से भी एक हाथ बाहर आता है, थम्स अप का संकेत बनाए हुए। जीवन यही है। कोई हमसे किसी भी परिस्थिति में पूछे, ‘हाउ आर यू?’ हम बस ‘आई एम फाइन’ करके ही रह जाते हैं। कभी नहीं कहते कि नहीं, मैं ठीक नहीं हूं। कोई मुझसे मेरी बात सुनो। लेकिन, सब भाग रहे हैं। सबने एक दूसरे की अपने अपने हिसाब से अपने अपने मन में एक इमेज बना ली है। और बस, सामने वाले से उतनी ही और उसी हिसाब की बात करते हैं।
रयान और एमिली की जोड़ी का करिश्मा
एक स्टंटमैन जब एक स्टंटमैन ही रह जाता है और जिससे वह प्यार करता है वह अब फिल्म निर्देशक बन चुकी है तो वह अपना पुराना प्यार कैसे फिर से जगाए, इस किरदार को करते हुए रयान गॉसलिंग ने बहुत ही अच्छा अभिनय किया है। कार के अंदर गाने सुनना हो या फिर एक सीन पर चर्चा करते हुए स्प्लिट स्क्रीन में अपने मन की बात को कहानी पर चर्चा के बहाने बताना, रयान ने कोल्ट को जीया है। एमिली ब्लन्ट तो हैं ही शानदार। हैट लगाए घूमती जोडी को जब कोल्ट छेड़ता है और वह कहती है कि ये लगाने का यहां फैशन सा है, तो वह दृश्य दिखावे की दुनिया पर सीधा कटाक्ष करती है। कहानी फिल्म ‘द फॉल गाय’ की कमाल है। अभिनय भी दोनों मुख्य कलाकारों ने बढ़िया ही किया है। साथ में ‘ब्लैक पैंथर’ वाले विन्स्टन ड्यूक भी हैं। और, उनके साथ भी रयान के कुछ बहुत ही बढ़िया दृश्य हैं।
क्लाइमेक्स में आकर लड़खड़ाई फिल्म
फिल्म ‘द फॉल गाय’ की कमजोर कड़ियां अगर गिनी जाएं तो पहली तो इसकी पटकथा है जो सारा मामला सामने आ जाने के बाद एकदम से ढप्प हो जाती है। बरसों के सताए हुए मिनटों में हिसाब बराबर करने निकलते हैं। फिल्म का हीरो चूंकि बॉडी डबल है तो ऐसे में कॉमेडी की कुछ और अतरंगी संभावनाएं पटकथा में बन सकती थीं। हीरोइन के साथ स्प्लिट स्क्रीन जैसे भावुक एक दो और लंबे दृश्य हो सकते थे और सबसे जरूरी जो बात है, वो ये कि फिल्म का संगीत पक्ष मजबूत नहीं है। इन सब दिक्कतों के बाद भी रयान गॉसलिंग और एमिली ब्लंट पर निर्देशक डेविड लीच ने अपना फोकस रखा है। एक तरह से कोल्ट में उन्होंने खुद को जीया है। जिनको पता न हो उनको बताते चलें कि डेविड लीच हॉलीवुड की तमाम फिल्मों में ब्रैड पिट के स्टंट डबल का काम कर चुके हैं। स्टंट डायरेक्शन कर चुके हैं और 10 साल पहले रिलीज हुई फिल्म ‘जॉन विक’ से फिल्म निर्देशक भी बन चुके हैं। ‘डेडपूल 2’, ‘बुलेट ट्रेन’ और ‘फास्ट एंड फ्यूरियस हॉब्स एंड शॉ’ उनके निर्देशन में बनी चंद ऐसी फिल्में हैं, जिनको पूरी दुनिया के एक्शन सिने शौकीनों ने देखा है।