She Season 2 Review: नेटफ्लिक्स की एक और सीरीज ने किया निराश, नहीं जमी अदिति और इम्तियाज की जोड़ी
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में तिग्मांशु धूलिया का वह संवाद तो आपको याद ही होगा, ‘हिंदुस्तान में जब तक सलीमा है, लोग *** बनते रहेंगे।’ ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ बनाने वाली कंपनी वायकॉम 18 स्टूडियोज की ही ओटीटी कंपनी टिपिंग प्वाइंट ने इम्तियाज अली की वेब सीरीज ‘शी’ के पहले और दूसरे सीजन में भी पैसा लगाया है। इसका तीसरा सीजन भी पहले से मंजूर है। सीरीज का दूसरा सीजन देखकर लगता भी है कि इसके रचयिता (क्रिएटर) इम्तियाज अली ने सिर्फ सीरीज बनाने के नाम पर सीरीज बना दी है। लंबे लंबे और उबाऊ दृश्यों से भरपूर वेब सीरीज ‘शी’ का दूसरा सीजन पुलिस, भूमि और नायक के बीच चल रहे चूहे बिल्ली के खेल पर आधारित है। लेकिन, ना तो पुलिस वाले इसके अपना कोई असर छोड़ पाते हैं। ना नायक का किरदार दर्शकों को डरा पाता है और भूमि के किरदार से सहानुभूति करना दर्शक बीते सीजन में ही छोड़ चुके हैं।
अनुराग कश्यप बनने की कोशिश में इम्तियाज
जमशेदपुर से निकले इम्तियाज अली दिल्ली के हिंदू कॉलेज होते हुए मुंबई आए। प्रेम कहानियों में उनका कोई सानी नहीं है। लेकिन, एक कलाकार जब कारोबारी बनता है तो फिर क्या होता है उसका रिपोर्ट कार्ड उन्हें अपनी पिछली फिल्म ‘लव आजकल’ में मिल चुका है। कार्तिक आर्यन का करियर अर्श से फर्श पर ला देने वाली इस फिल्म के बाद भी इम्तियाज ने अपनी राह नहीं बदली है। अब उन्होंने वेब सीरीज ‘शी’ का दूसरा सीजन सृजित किया है। वह ‘सैक्रेड गेम्स’ के अनुराग कश्यप बनना चाहते हैं। लोग उनसे ‘हाईवे’ और ‘जब वी मेट’ जैसी कहानियों की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वेब सीरीज ‘शी’ का दूसरा सीजन सेमी पोर्न क्राइम ड्रामा है। अदिति पोहनकर अगली राधिका आप्टे बनना चाहती हैं। उधर, हिंदी सिनेमा में धूमकेतु सी चमकी राधिका आप्टे इसी हफ्ते लौटकर मराठी सिनेमा में पहुंच चुकी हैं।
खोखली कहानी के कमजोर किरदार
वेब सीरीज ‘शी’ की कहानी भी पहले सीजन की तरह भूमि परदेसी की ही कहानी है। एक पुलिस कांस्टेबल अंडरकवर एजेंट बनकर ड्रग माफिया का खुलासा करने निकली है। उसके अफसर दफ्तर में बैठकर उसे पता नहीं कैसे ट्रैक कर रहे हैं कि देह व्यापार का एक अदना सा दलाल भी उसका अपहरण करके उसकी ठुकाई कर देता है। उस पर अपना दिल लुटा चुका अंडरवर्ल्ड डॉन भी उसे ट्रैक कर रहा है, यहां तक कि उसके पास भूमि की सारी हरकतों की लाइव फीड देखने का भी इंतजाम है लेकिन भूमि जब चाहे पिट लेती है, जब चाहे पीट देती है। गली का गुंडा उसके घर में घुसकर उसकी मां और बहन को धमका जाता है। वह खुद भी उसके हाथों जलील होती है लेकिन भूमि के किरदार की दिक्कत ये है कि उसे बनाने वालों को भी नहीं पता कि उसे ‘शेरनी’ बनाना है या उसकी ‘डर्टी पिक्चर’ बनानी है।
अदिति के देह प्रदर्शन पर टिकी सीरीज
वेब सीरीज ‘शी’ के दूसरे सीजन की सबसे कमजोर कड़ी इसकी नायिका अदिति पोहनकर ही है। यूट्यूब पर मुफ्त की पोर्न फिल्में देखने वाले ये सीरीज उसके दैहिक संबंधों वाले दृश्यों के चक्कर में देख लेंगे तो सीरीज नेटफ्लिक्स की टॉप 10 सूची में भी जगह बना ही लेगी। टॉप 10 वाला टोटका ऐसा है कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का संवाद अक्षरश: सत्य लगने लगता है। लेकिन, अगर आप मनोरंजन, रहस्य या रोमांच के लिए ये सीरीज देखने बैठेंगे तो साथ में एस्प्रिन की गोली रखना जरूरी है। हिंदी सिनेमा के फ्लॉप निर्देशकों को ओटीटी को बेवकूफ बनाना आ गया है। ओटीटी के कर्ताधर्ता भी कहानियों के पीछे नहीं हिंदी सिनेमा के बड़े नामों के पीछे भाग रहे हैं और तिग्मांशु धूलिया पहले क्या कह चुके हैं, आपको याद है ना? अदिति पोहनकर ने बताते हैं कि दूसरे सीजन के पहले इसके निर्माताओं को खूब नचाया लेकिन कैमरे के सामने वह ऐसा कुछ कर नहीं पाई हैं कि उनकी एक्टिंग को लोग आगे याद रखें। ‘एक बदनाम आश्रम’ में भी वह हाशिये पर पहुंच ही चुकी हैं।
बेअसर अदाकारी का अड़ंगा
इम्तियाज अली की बनाई वेब सीरीज ‘शी’ का दूसरा सीजन हिंदी सिनेमा के अलग अलग किरदारों का कॉकटेल भी है। इसका विलेन नायक नाना पाटेकर की नकल करता हर सीन में दिखता है। उसकी दबंगई दिखाने के लिए बचपन का उसका ट्रैक है। उसकी देहयष्टि दिखाने के लिए उसे भूमि के साथ हमबिस्तर होना है। और, वहीं सामने उसका ट्रैकिंग सेटअप लगा है। इतना बड़ा डॉन अगर वह है तो लोगों की ट्रैंकिंग वह खुद क्यों करेगा, कहानी लिखने वालों की समझ आया ही नहीं। विश्वास किनी भी इस बार पहले एपिसोड से ही बेअसर दिखते हैं। हां, वेब सीरीज ‘शी’ के दूसरे सीजन में भी पहले सीजन की तरह शिवानी रंगोले का काम असरदार है।
देखें कि न देखें
वेब सीरीज ‘शी’ सीजन 2 का लक्षित दर्शक वर्ग वह है जो मोबाइल पर अकेले में अश्लील या सेमी पोर्न फिल्में देखता है। कहानियों में दिलचस्पी रखने वाले दर्शकों के लिए इसमें कुछ नहीं है। और न ही ये सीजन अभिनय के लिहाज से बहुत उत्साहित करता है। सात एपीसोड की इस सीरीज में वक्त खराब करने से बेहतर है कि आप कोई पुरानी बेहतरीन क्राइम थ्रिलर देखें और अपने वीकएंड को खुशगवार बना रहने दें।