Song Review: कहीं से साल 1964 का नहीं लगता भारत का नया गाना, स्लो मोशन
डिजिटल रिव्यू: स्लो मोशन (गाना)
गायक: विशाल, शेखर, नकश अजीज व श्रेया घोषाल
अभिनय: सलमान खान, दिशा पटानी, सुनील ग्रोवर
गीतकार: इरशाद कामिल
म्यूजिक अरेंजर: मेघदीप बोस
फिल्म: भारत
हिंदी सिनेमा में 1964 का साल सिने संगीत के स्वर्णिम काल का हिस्सा रहा है। इस साल की बिनाका गीतमाला की सालाना सूची में बजे गानों के गीतकारों के नाम देखें तो हसरत जयपुरी से लेकर कैफी आजमी, शैलेंद्र, राजा मेहंदी अली खान, मजरूह सुल्तानीपुरी और आनंद बक्षी जैसे कलम के जादूगरों के जिक्र मिलते हैं। दोस्ती जैसी नेशनल अवार्ड विनर फिल्म के गीत भी इसी साल सुपरहिट हुए। सलमान खान की फिल्म भारत का जो गाना बुधवार को रिलीज हुआ, उसमें वह सर्कस में काम करते हुए एक गाना गा रहे हैं, साल है 1964।
पूरे गाने में कहीं सर्कस का कोई जानवर नहीं है जबकि तबतक मेनका गांधी की सियासत में एंट्री नहीं हुई थी और न ही जानवरों से काम कराने पर सिनेमा से लेकर सर्कस तक कोई पाबंदी लगी थी और, तब सर्कसों में डांस नंबर भी नहीं हुआ करते थे। दिशा पटानी ने जैसे कपड़े पहने हैं, वैसे कपड़े तो तब हिंदी सिनेमा की वैंप्स भी नहीं पहनती थीं। मेरा नाम जोकर इससे छह साल बाद रिलीज हुई और उसी से सर्कस का थोड़ा बहुत ज्ञान अगर सलमान की ये फिल्म बनाने वाले ले लेते तो मामला इतना नकली नहीं लगता।
गीतकार इरशाद कामिल की गिनती हिंदी सिनेमा के अच्छे गीतकारों में होती रही है। उनके गानों का जब वी मेट फिल्म देखते देखते जवां हुई पीढ़ी को फिल्म तमाशा तक इंतजार रहा है, लेकिन स्लो मोशन? ये कुमार जैसी गीतकारों से कंपटीशन करने की उन्हें क्यों सूझी ये तो वह ही जानें, लेकिन ऐसे गानों के साथ इरशाद कामिल का नाम देख निराशा होती है।
यहां सुने गाना