Digital Review: रस्किन बॉन्ड की कहानियों की ओटीटी पर दमदार परछाई
आल्ट बालाजी से लेकर नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो पर जब हर तरफ हिंसा, सेक्स और विवाहेत्तर संबंधों वाली वेब सीरीज की भरमार है, ऐसे में उम्मीद जी ग्रुप के ओटीटी जी 5 से ही बंधती है कि इस प्लेटफॉर्म पर कुछ तो होगा ऐसा जो लगेगा देसी जैसा। जी 5 की नई वेब सारीज परछाई में कहानियां रस्किन बॉन्ड की हैं, कलेवर सिनेमा का है और नतीजा है एक ऐसी वेब सीरीज जिसे आप परिवार के साथ देख सकते हैं।
सेलेक्शन डेज, लॉस्ट इन स्पेस या ये मेरी फैमिली जैसी गिनती की सीरीज हैं जिनसे बच्चों को भी मनोरंजन हो और साथ में माता पिता भी बैठें हों तो उन्हें ज्यादा दिक्कत न महसूस हो। सीरीज का पहला एपीसोड कहानी है एक ऐसे बच्चे की जो अपनी दादी के साथ रहता है। पिता हमेशा बाहर ही होता है और एक दिन इस बच्चे के सपने में आती है एक औरत जिसने पास के एक पेड़ से लटककर खुदकुशी कर ली है। कहानी ऐसे समय और स्थान की है जहां एक ऐसे अपराधी की दहशत भी फैला हुई है जो बच्चों का अपहरण कर ले रहा है।
कहानी का ताना बाना चुस्त तरीके से बुनने के बाद कहानी आगे बढ़ती है। सपने में आने वाली औरत और असल जिंदगी के अपराधी की कहानियां मिलती हैं और मनोरंजन के सारे सही तत्वों के साथ एपीसोड अपने अंजाम तक पहुंचता है। फंतासी में असलियत का घालमेल हमेशा उत्सुकता जगाता है और परछाई ने इसी फॉर्मूले को सही अनुपात में पकड़ा है। कबीर साजिद और फरीदा जलाल की केमिस्ट्री परछाई की जान है। साथ में बाकी कलाकारों ने भी अच्छा अभिनय किया है, हां बैकग्राउंड म्यूजिक पर थोड़ी मेहनत और की जा सकती थी।