Mohanlal: सेना की वर्दी पहन भूस्खलन प्रभावित वायनाड गांव पहुंचे मोहनलाल, लोगों से की एकजुट रहने की अपील
मोहनलाल ने सेना की वर्दी पहनकर भूस्खलन प्रभावित वायनाड गांव का दौरा किया।इस दौरान उन्होंने लोगों से चुनौतीपूर्ण समय में एकजुट रहने का आग्रह किया।
विस्तार
सुपरस्टार मोहनलाल प्रादेशिक सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल भी हैं। उन्होंने आज शनिवार, 3 अगस्त को केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित मुंडक्कई का दौरा किया। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में अभिनेता की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए हैं। मेप्पाडी में अस्थायी सेना शिविर में सेना के अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद अभिनेता सेना के वाहन से मुंदक्कई पहुंचे। उन्होंने सेना की वर्दी पहन रखी थी। एक वीडियो में वे मौके पर बचाव अभियान चला रहे सेना के जवानों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं।
विपरीत परिस्थितियों में भी रहे मजबूत
मीडिया से बातचीत करते हुए अभिनेता ने कहा, 'विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए भी हम हमेशा मजबूत बनकर उभरे हैं। आइए हम एकजुट रहें और इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान अपनी दृढ़ता का प्रदर्शन करें। जय हिंद।' भूस्खलन वाले इलाके का दौरा करने से पहले मोहनलाल ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर वायनाड के लोगों की दृढ़ता की सराहना की।
UPDATE WITH CORRECTION: Actor Mohanlal, who is also a Lieutenant Colonel in the Indian Territorial Army, on Saturday reached the landslide-hit Wayanad donning his army uniform. The actor, who reached the Army camp at Meppadi, held a brief discussion with the officers and left for… pic.twitter.com/JbDQ2kXbIh
— Press Trust of India (@PTI_News) August 3, 2024
अभिनेता ने साझा किया पोस्ट
पोस्ट साझा करते हुए अभिनेता ने लिखा, 'वायनाड के लोगों की दृढ़ता वाकई प्रेरणादायक है। इन मुश्किल समय में भारतीय सेना को उनके साथ मजबूती से खड़ा देखना दिल को छू लेने वाला है।' उन्होंने एक अन्य पोस्ट में 122 इन्फैंट्री बटालियन, टीए मद्रास के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया, जो राहत मिशन में सबसे आगे रहे हैं।
अभिनेता ने राहत कोष ने किया योगदान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेता ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में भी 25 लाख रुपये का योगदान दिया। अभिनेता को 2009 में भारतीय प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक प्रदान की गई थी। वायनाड के चूरलमाला और मुंदक्कई में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या शुक्रवार, 2 अगस्त तक 308 तक पहुंच गई। पीटीआई के अनुसार, 215 शव और 143 अंग बरामद किए गए हैं, जिनमें 98 पुरुष, 87 महिलाएं और 30 बच्चे शामिल हैं। अब तक 212 शवों और 140 शवों के अंगों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है और 148 शवों की पहचान उनके रिश्तेदारों ने की है।