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Namashi Chakraborty: मिथुन को ‘डैड’ नहीं कहते उनके बच्चे, बेटे ने किया खुलासा, बोले-हम नाम से बुलाते हैं
Wed, 10 Apr 2024 12:24 PM IST
दीक्षा पाठक
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Wed, 10 Apr 2024 12:24 PM IST
सार
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं में से एक मिथुन चक्रवर्ती के बेटे नमाशी भी पिता की छवि को फॉलो करने में लगे हुए हैं और फिल्मों में अपनी अमिट पहचान बनाना चाहते हैं। अब हाल ही में, नमाशी ने एक साक्षात्कार के दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया। आइए जानते हैं उन्होंने अपने और मिथुन के रिश्ते को लेकर क्या कहा?
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मिथुन चक्रवर्ती, नमाशी चक्रवर्ती
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मिथुन चक्रवर्ती के बेटे नमाशी ने अपने पिता के साथ अपने रिश्तों को लेकर खुलासा किया है। फिल्मी पर्दे पर खलनायकों को धूल चटाने वाले मिथुन को उनके बच्चे उनका नाम लेकर बुलाते हैं। नमाशी ने एक साक्षात्कार के दौरान अपने पिता मिथुन के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा की। इसी साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि वह अपने पिता को ‘मिथुन’ कहकर संबोधित करते हैं। बातचीत के दौरान नमाशी ने इसके पीछे की वजह को भी बताया कि वो ऐसा क्यों करते हैं।
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नमाशी चक्रवर्ती
- फोटो : सोशल मीडिया
तबियत बिगड़ने पर डर गए थे नमाशी
नमाशी ने उस वक्त का वाकया साझा किया जब उनके पिता मिथुन ‘ब्रेन स्ट्रोक’ के चलते बीमार थे और हॉस्पिटल में भर्ती थे। उन्होंने कहा कि वह बहुत डर गए थे, लेकिन जब मिथुन ने किसी बात के लिए नमाशी को डांट लगाई तो उन्हें लगा की अब वो ठीक हैं। उन्होंने कहा कि जब वो मुझे डांटते हैं तो इसका मतलब है कि वो ठीक हैं।
नमाशी ने उस वक्त का वाकया साझा किया जब उनके पिता मिथुन ‘ब्रेन स्ट्रोक’ के चलते बीमार थे और हॉस्पिटल में भर्ती थे। उन्होंने कहा कि वह बहुत डर गए थे, लेकिन जब मिथुन ने किसी बात के लिए नमाशी को डांट लगाई तो उन्हें लगा की अब वो ठीक हैं। उन्होंने कहा कि जब वो मुझे डांटते हैं तो इसका मतलब है कि वो ठीक हैं।
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मिथुन चक्रवर्ती, नमाशी चक्रवर्ती
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आखिर अपने पिता को नाम से क्यों पुकारते हैं नमाशी?
नमाशी ने मिथुन के साथ अपने फ्रेंडली व्यवहार को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वो और उनके भाई-बहन अपने पिता को ‘पापा’ या ‘डैड’ कहकर नहीं बुलाते। हम अपने माता-पिता के साथ इतने फ्रेंडली है कि उन्हें उनके नाम से ही बुलाते है। हम चारों एक साथ दोस्त की तरह रहते हैं। नमाशी से जब पूछा गया कि उनके परिवार में इसकी शुरुआत कैसे हुई तो उन्होंने बताया कि यह ‘मिथुन’ की वजह से ही शुरू हुआ। जब हम छोटे बच्चे थे तब उन्होंने ही हमें उन्हें ‘डैड’ न कहने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, “मुझे डैड मत कहो, मुझे मिथुन कहकर बुलाओ।”
नमाशी ने मिथुन के साथ अपने फ्रेंडली व्यवहार को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वो और उनके भाई-बहन अपने पिता को ‘पापा’ या ‘डैड’ कहकर नहीं बुलाते। हम अपने माता-पिता के साथ इतने फ्रेंडली है कि उन्हें उनके नाम से ही बुलाते है। हम चारों एक साथ दोस्त की तरह रहते हैं। नमाशी से जब पूछा गया कि उनके परिवार में इसकी शुरुआत कैसे हुई तो उन्होंने बताया कि यह ‘मिथुन’ की वजह से ही शुरू हुआ। जब हम छोटे बच्चे थे तब उन्होंने ही हमें उन्हें ‘डैड’ न कहने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, “मुझे डैड मत कहो, मुझे मिथुन कहकर बुलाओ।”
अमरीन कुरैशी, मिथुन चक्रवर्ती, नमाशी चक्रवर्ती
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
महीने में सिर्फ एक दिन मिथुन के साथ समय बिता पाते थे नमाशी
अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए नमाशी ने मिथुन के साथ बिताए हुए लम्हों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 9 साल की उम्र तक मिथुन के साथ उनकी बहुत कम यादें हैं। नमाशी कहते हैं “मैं सच कह रहा हूं अपने बचपन में मैंने उन्हें बहुत कम देखा है, क्योंकि वो चार-चार शिफ्ट में काम किया करते थे। मेरा जन्म 1992 में हुआ और ये उनके करियर का शीर्ष समय था।” नमाशी आगे कहते हैं कि साल 1994 में हम ऊटी शिफ्ट हो गए। वहां पर मिथुन ने होटल का बिजनेस शुरू कर दिया। उसके साथ वो वहां पर भी चार-चार शिफ्ट में काम किया करते थे। वह बहुत व्यस्त रहते थे। मैं उनसे महीने के दूसरे रविवार को ही मिल पाता था। क्योंकि उस दिन अवकाश होता था। मेरे पास साल 2001 के बाद से उनकी ज्यादा यादें हैं, जब उन्होंने अपने काम को कम कर दिया।
अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए नमाशी ने मिथुन के साथ बिताए हुए लम्हों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि 9 साल की उम्र तक मिथुन के साथ उनकी बहुत कम यादें हैं। नमाशी कहते हैं “मैं सच कह रहा हूं अपने बचपन में मैंने उन्हें बहुत कम देखा है, क्योंकि वो चार-चार शिफ्ट में काम किया करते थे। मेरा जन्म 1992 में हुआ और ये उनके करियर का शीर्ष समय था।” नमाशी आगे कहते हैं कि साल 1994 में हम ऊटी शिफ्ट हो गए। वहां पर मिथुन ने होटल का बिजनेस शुरू कर दिया। उसके साथ वो वहां पर भी चार-चार शिफ्ट में काम किया करते थे। वह बहुत व्यस्त रहते थे। मैं उनसे महीने के दूसरे रविवार को ही मिल पाता था। क्योंकि उस दिन अवकाश होता था। मेरे पास साल 2001 के बाद से उनकी ज्यादा यादें हैं, जब उन्होंने अपने काम को कम कर दिया।
नमाशी चक्रवर्ती, मिथुन चक्रवर्ती
- फोटो : सोशल मीडिया
खाना बनाने में भी उस्ताद हैं मिथुन चक्रवर्ती
मिथुन के बेटे नमाशी बताते हैं कि जब उन्होंने उनके साथ ज्यादा समय बिताया तब उन्हें पता चला कि वो एक बहुत ही अच्छे कुक हैं। वह अपने खाली समय में खूब सारा खाना बनाते हैं। जब नमाशी से पूछा गया कि मिथुन को क्या बनाना पसंद है तो उन्होंने कहा कि उन्हें चिकन,मटन, फिश, दाल, सब्जी रोटी, चावल और सब कुछ बनाना पसंद है। बता दें कि नमाशी चक्रवर्ती ने साल 2023 में राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘बैड ब्वॉय’ से अभिनय की दुनिया में डेब्यू किया था।
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मिथुन के बेटे नमाशी बताते हैं कि जब उन्होंने उनके साथ ज्यादा समय बिताया तब उन्हें पता चला कि वो एक बहुत ही अच्छे कुक हैं। वह अपने खाली समय में खूब सारा खाना बनाते हैं। जब नमाशी से पूछा गया कि मिथुन को क्या बनाना पसंद है तो उन्होंने कहा कि उन्हें चिकन,मटन, फिश, दाल, सब्जी रोटी, चावल और सब कुछ बनाना पसंद है। बता दें कि नमाशी चक्रवर्ती ने साल 2023 में राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘बैड ब्वॉय’ से अभिनय की दुनिया में डेब्यू किया था।
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