फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Kritika Kamra talks about Feminism says true feminism goes far beyond online hashtags and posts

Kritika Kamra: 'असली फेमिनिज्म ऑनलाइन हैशटैग से अलग है, अगर काम में बराबरी नहीं तो...', बोलीं कृतिका कामरा

Mon, 17 Feb 2025 04:36 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Mon, 17 Feb 2025 04:36 PM IST
सार

Kritika Kamra: अभिनेत्री कृतिका कामरा हाल ही में महिलावाद पर बात करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि असली फेमिनिज्म ऑनलाइन हैशटैग और सोशल मीडिया से परे की बात है। अगर बातों में समानता नहीं है तो फिर इस पर चर्चा का भी कोई फायदा नहीं।

विज्ञापन
Kritika Kamra talks about Feminism says true feminism goes far beyond online hashtags and posts
कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

विस्तार

अभिनेत्री कृतिका कामरा महिला संबंधी मसलों पर काफी मुखर होकर बात करती हैं। हाल ही में वे फेमिनिज्म पर बात करती दिखीं। उनका मानना है कि नारीवाद सिर्फ बात करने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इस दिशा में काम करने की जरूरत है। कृतिका का मानना है कि अगर आपकी बातों में महिलावाद नहीं दिखाई देता है तो फिर इस मुद्दे पर बात करने का भी कोई मतलब नहीं।

विज्ञापन

Kritika Kamra talks about Feminism says true feminism goes far beyond online hashtags and posts
कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

बोलीं- हैशटैग से आगे की चीज नारीवाद
अभिनेत्री कृतिका कामरा ने हाल ही में फेमिनिज्म पर बात करते हुए कहा कि तमाम लोग इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपकी सक्रियता से जोड़ते हैं। सोशल मीडिया एक्टिविज्म को फेमिनिज्म मानते हैं। ऐसा नहीं है। सच्चा नारीवाद ऑनलाइन हैशटैग और पोस्ट से कहीं आगे तक जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नारीवाद का अर्थ समाज के हर पहलू में, विशेषकर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कोशिशें करना है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Kritika Kamra talks about Feminism says true feminism goes far beyond online hashtags and posts
कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

इंडस्ट्री की विफलता पर क्या बोलीं?
कृतिका कामरा ने यह भी कहा कि नारीवादी मुद्दों को लगातार आगे बढ़ाने में इंडस्ट्री फेल रही है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सपोर्ट दिखाना आसान है, लेकिन हकीकत में बदलाव के लिए काम करने की जरूरत होती है। कृतिका ने कहा कि लोगों को खासकर रसूखदार पदों पर बैठे लोगों को अपने शब्दों को ठोस कार्यों के साथ जोड़ना होगा। कृतिका के मुताबिक, 'नारीवाद कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसके बारे में आप सोशल मीडिया पर पोस्ट करें और वहीं छोड़ दें। यह हकीकत की दुनिया में कुछ कर दिखाने का नाम है'।

यह खबर भी पढ़ें:
Karan Johar: राजामौली की आरआरआर जैसी शानदार फिल्मों में तर्क की कमी…आखिर करण जौहर ने ऐसा क्यों कहा?

विज्ञापन

Kritika Kamra talks about Feminism says true feminism goes far beyond online hashtags and posts
कृतिका कामरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

'एक ऐसी दुनिया बनाएं जहां बराबरी हो'
कृतिका कामरा का कहना है कि आरामकुर्सी पर बैठकर नारीवाद काम नहीं करता। हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर करना और खुद को नारीवादी कहना ही काफी नहीं है। हमें अपनी भूमिकाओं में लगातार सही का चुनाव करना होगा। सही मुद्दों के लिए आवाज उठाने और ऐसी जगह बनाने की जरूरत है, जहां महिलाएं कामयाब हो सकें। इससे बराबरी को बढ़ावा मिलेगा। अगर आपके पास संसाधन या प्लेटफॉर्म है, तो कुछ शुरू करें, पहल करें और महिलाओं के सशक्तीकरण में योगदान दें। यही नारीवाद का असली मतलब है'। कृतिका ने अपने प्रशंसकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे एक ऐसी दुनिया बनाने की जिम्मेदारी लें, जहां महिलाओं को सशक्त बनाया जाए, उनकी बात सुनी जाए और उन्हें वे अवसर दिए जाएं जिनकी वे हकदार हैं।

यह खबर भी पढ़ें:
Ziddi Girls Trailer: रिलीज हो गया जिद्दी गर्ल्स सीरीज का ट्रेलर, जानें कब और कहां देख सकते हैं सीरीज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed