'न झुकने का सिलसिला जारी रहे'; तमिलनाडु विधानसभा में राज्य गीत से जुड़ा प्रस्ताव पारित होने पर बोले कमल हासन
Kamal Haasan: तमिलनाडु विधानसभा में राज्य गीत को लेकर एक अहम प्रस्ताव पारित हुआ। कमल हासन ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए स्वागत किया है। जानिए वे क्या बोले?
विस्तार
तमिलनाडु विधानसभा में राज्य गीत से जुड़ा अहम प्रस्ताव बीते दिन सोमवार को पारित किया गया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव में राज्य के शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में होने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत से पहले राज्य गीत 'तमिल थाई वाजथु' औपचारिक रूप से अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसका कमल हासन ने स्वागत किया है।
कमल हासन ने क्या कहा?
बीते दिन प्रस्ताव पारित होने के बाद सभी सरकारी कार्यक्रमों में तमिल एंथम अनिवार्य रूप से गाया जाएगा। इस पर अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना रिएक्शन दिया है। उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव का स्वागत किया है।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए कमल हासन ने लिखा है, 'यह खुशी और तारीफ की बात है कि विधानसभा ने एक प्रस्ताव पास किया है, जिसके तहत सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले 'तमिल थाई' की वंदना गाई जाएगी। राज्य के अधिकारों पर न झुकने का यह सिलसिला जारी रहना चाहिए'।
அரசு நிகழ்ச்சிகளில் தமிழ்த்தாய் வாழ்த்து முதலாவதாகப் பாடப்பட வேண்டும் என சட்டமன்றத்தில் தீர்மானம் நிறைவேற்றியிருப்பது மகிழ்ச்சிக்குரியது; வரவேற்கத்தக்கது. மாநில உரிமைகளை விட்டுத்தராத இந்தப் போக்கு தொடரவேண்டும்.
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) August 11, 2026
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने क्या कहा था?
बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने यह प्रस्ताव पेश किया था। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के साथ कांग्रेस पार्टी ने इसका समर्थन किया।
- प्रस्ताव पेश करते हुए सीएम विजय ने कहा कि राज्य में तमिल थाई वाजथु को सबसे ज्यादा प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
- उन्होंने कहा, तमिल का मतलब गर्व है, तमिल का मतलब शक्ति है।
- जैसे ही आप 'तमिल' कहते हैं, पूरा तमिलनाडु एकजुट हो जाता है।
- तमिल थाई वाजथु को तमिलनाडु में पहला स्थान मिलना चाहिए।
- तमिल थाई वाजथु को पहला स्थान देना हमारा राज्य का अधिकार है।