कौन था पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर गौरव तिवारी? भूतों से संपर्क का जुनून, फिर रहस्यमयी तरीके से हुई मौत
गौरव तिवारी रात-रात भर वीरान जगहों पर भूतों से संपर्क करने की कोशिश करता था। सुनसान जगह, खंडहर हो चुके घर-हवेली, पुराने महलों में वह भूतों की तलाश करता था। एक वक्त के बाद नामी पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर भी बन गया। फिर एक दिन अचानक गौरव तिवारी की मौत की खबर मिली, जो बहुत ही रहस्यमयी हालातों में हुई।
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इन दिनों बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बन रही हैं जिनमें घोस्ट हंटर (भूतों को पकड़ने वाले) दिखाए जा रहे हैं। आज ही रिलीज हुई फिल्म ‘द भूतनी’ में भी संजय दत्त ने इस तरह का रोल किया है। असल जिंदगी में घोस्ट हंटर तो नहीं लेकिन पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर जरूर होते हैं। एक ऐसा ही पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर था गौरव तिवारी। इस शख्स को भूतों से संपर्क करने का जुनून था। आखिर में इस पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर की रहस्यमयी हालतों में मौत हुई। जानिए कौन था गौरव तिवारी? वह बतौर पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर किस तरह से भूतों से संपर्क करता था? और पुलिस ने उसकी मौत को लेकर क्या कहा?
पायलट की बजाय बन गए पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर
गौरव तिवारी 21 साल की उम्र में फ्लोरिडा (यूएस) गया और एविएशन सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी करने लगा। प्रोफेशनल पायलट की ट्रेनिंग लेने लगा लेकिन इसे बीच में ही छोड़कर भारत लौटा आया। यहां आकर इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी बना ली और बतौर पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर काम करना शुरू किया। वह एमटीवी के शो ‘गर्ल्स नाइट आउट’ में भी पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर के तौर पर दिखा। इसके अलावा भूत आया डॉक्यमेंट्री भी गौरव तिवारी ने की। कुछ हॉन्टेड इंटरनेशनल शो का भी हिस्सा बने। भूतों पर आधारित टीवी शो का हिस्सा बनने के अलावा गौरव तिवारी ने फिल्म ‘16 दिसंबर और ‘टैंगो चार्ली’ जैसी फिल्मों में कैमियो भी किया।
किस तरह करते थे भूतों से संपर्क
गौरव तिवारी ने पैरानॉर्मल एक्टिविटीज के बारे में काफी कुछ पढ़ा था। साथ ही वह कुछ अलग तरह की मशीनों का इस्तेमाल भूतों से संपर्क करने के लिए करता था। हॉन्टेड (भूतों का जहां डेरा होता है) जगहों पर रात के समय गौरव अपनी टीम के साथ पहुंच जाता था। वह अंधेरी रातों में भूतों से संपर्क करता, उनकी बातें सुनता और उनसे बातें करता भी।
रहस्यमयी मौत-छानबीन में क्या सामने आया
गौरव बतौर पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर जाना-माना नाम हो चुका था लेकिन एक दिन उसकी मौत की खबर मिली। 7 जुलाई 2016 को द्वारका, दिल्ली के घर में वह मृत मिले, पत्नी से दुपट्टे से फांसी लगा ली थी। शुरुआत में गौरव के फैंस ने कहा कि भूतों के कारण ऐसा हुआ, भूतों ने गौरव तिवारी को मरने के लिए मजबूर किया है। आखिर में पुलिस ने छान-बीन की। पुलिस ने छानबीन के बाद बताया कि गौरव तिवारी की मौत एक आत्महत्या है। उसके पास काम बहुत अधिक नहीं था, इस कारण परिवार से अक्सर झगड़ा होता था। परिवार चाहता था कि वह पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर का काम छोड़कर कोई सामान्य जॉब पकड़ ले।
बुरी आत्माओं वाली बात भी सामने आई
जब पैरानॉर्मल इंवेस्टिगेटर गौरव तिवारी की मौत की छानबीन चल रही थी तो उसके पिता ने बताया था कि गौरव को कोई बुरी आत्मा अपनी तरफ खींचती थी। पत्नी ने भी यही बात कही थी कि गौरव तिवारी को कोई आत्मा परेशान कर रही है। यह बातें अक्सर गौरव अपने पिता और पत्नी को बताता था।