सगाई की खबरों पर हुमा कुरैशी ने तोड़ी चुप्पी, असल में ‘महारानी’ बनकर लड़कियों के लिए करना चाहती हैं यह काम
Huma Qureshi Interview: हुमा कुरैशी की लोकप्रिय वेब सीरीज ‘महारानी’ का चौथा सीजन जल्द ही आने वाला है। हुमा ने शो की कहानी और किरदार के तैयारी के बारे में विस्तार से बात की।
विस्तार
अभिनेत्री हुमा कुरैशी एक बार फिर अपनी लोकप्रिय वेब सीरीज ‘महारानी’ के चौथे सीजन के साथ वापस आ रही हैं। इस पॉलिटिकल ड्रामा में हुमा रानी भारती की भूमिका में लौटेंगी। इस बीच हुमा कुरैशी ने अमर उजाला से खास बातचीत में किरदार की तैयारी और शूटिंग के अनुभवों को साझा किया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वो आगे किस तरह का किरदार करना चाहेंगी और अगर वह सच में महारानी होतीं, तो देश में क्या बदलाव लातीं।
पहले दिन की शूटिंग याद है? क्या कभी सोचा था कि ‘महारानी’ का यह सफर चौथे सीजन तक पहुंचेगा?
बहुत अच्छे से याद है। मेरा पहला सीन बहुत सिंपल था। मैं जमीन पर बैठी थी और सब्जियां काट रही थी। उस दिन सिर्फ मैं नहीं बल्कि पूरी टीम थोड़ी चिंतित थी। सबके दिमाग में यही था कि रानी भारती को कैसे पेश किया जाए, ताकि लोग उससे जुड़ सकें। अब पीछे मुड़कर देखती हूं तो यकीन नहीं होता कि हम सीजन चार तक पहुंच गए हैं। सच में यह मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
इस बार कहानी या किरदारों में क्या नया देखने को मिलेगा?
इस बार कहानी करीब बीस साल आगे बढ़ती है। किरदार बदले हैं और कुछ नए चेहरे जुड़े हैं। इसे आप महारानी का नया जन्म कह सकते हैं। शो को और गहरा व रोमांचक बनाया गया है। मेरे लिए यह सीजन खास है क्योंकि रानी भारती को एक नए दौर में जीने का मौका मिला। मुझे पूरा यकीन है कि ऑडियंस इसे अब तक का सबसे बेहतरीन सीजन मानेंगे।
रानी भारती के सफर का कौन-सा हिस्सा आपको अपने अंदर झलकता है?
मरानी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह सच बोलने से नहीं डरती। अगर उसे लगता है कि वह सही है तो किसी के सामने भी खड़ी हो जाती है। यह बात मैंने उससे सीखी है। पहले शायद मैं इतनी बेखौफ नहीं थी, लेकिन रानी को निभाते-निभाते समझ आया कि अगर आप गलत नहीं हैं तो डरने की कोई वजह नहीं है। रानी की ईमानदारी और सच्चाई के लिए खड़ा रहने की आदत मुझमें भी उतर आई है। अब मैं अपने विचार ज्यादा खुलकर रखती हूं, चाहे बात काम की हो या जिंदगी की।
इस सीजन में कोई ऐसा सीन जो सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण या यादगार रहा हो?
इस सीजन में कई सीन मेरे दिल के करीब हैं, लेकिन काला नाग (गौरी शंकर पांडेय) वाला सीन सबसे खास रहा। वह बेहद इंटेंस था, जिसमें ज्यादा डायलॉग नहीं थे। सब कुछ इमोशन और एक्सप्रेशन से कहना था। रानी और काला नाग के रिश्ते की गहराई उस सीन की खामोशी में थी और वही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी।
डायलेक्ट पकड़ना ज्यादा मुश्किल था या उसे निभाए रखना?
सच कहूं तो आज भी मुझे हिंदी से थोड़ा डर लगता है। मैंने इंग्लिश मीडियम से पढ़ाई की है, इसलिए कभी-कभी गिनती में उलझ जाती हूं। (हंसते हुए) लेकिन अब पहले से बेहतर हूं। अगर थोड़ा और वक्त मिले तो मैं इस पर और काम करना चाहूंगी। बस मौका मिलना चाहिए और जब मिलेगा, मैं पूरी मेहनत से बैठकर सीखूंगी।
क्या ‘महारानी 4’ के साथ कहानी खत्म हो जाएगी?
मैं पूरे भरोसे से कह सकती हूं कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। हर सीजन के बाद लोग सोचते हैं कि अब सब खत्म हो गया, लेकिन महारानी की दुनिया में हमेशा कुछ नया सामने आता है। जैसा फिल्मों में कहते हैं - पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।
अगर अपने करियर को पीछे मुड़कर देखें तो कैसा महसूस करती हैं?
मैं कभी संतुष्ट नहीं हो सकती। हां, मैं खुश हूं कि अच्छा और दिलचस्प काम कर रही हूं, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। मुझे लगता है कि यह तो बस शुरुआत है। कई सपने पूरे करने हैं और नई कहानियां कहना बाकी हैं। मैं खुद को आज भी एक स्टूडेंट मानती हूं। मुझे गर्व है कि मैं भारत की टॉप अभिनेत्रियों में से एक हूं और इस बात की खुशी मुझे, मेरे परिवार को और मेरी टीम को भी है।
करियर में वो कौन-सा पल था जिसने सब कुछ बदल दिया?
महारानी ने मेरी जिंदगी और करियर दोनों को नया मोड़ दिया। रानी भारती के किरदार ने मुझे लोगों के दिलों तक पहुंचाया और मुझे एक मजबूत पहचान दी। शो की सफलता के बाद मुझे ऐसे प्रोजेक्ट्स मिलने लगे जिनमें मैं कहानी को अपने कंधों पर उठा सकती थी। अगर व्यक्तिगत रूप से कहूं तो दिल्ली से मुंबई आने का मेरा फैसला मेरे करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था।
क्या अब इंडस्ट्री का नजरिया आपके प्रति बदल गया है?
जब आप सफल होते हैं तो लोग आपको थोड़ा अलग नजरिए से देखने लगते हैं। आप वही इंसान रहते हैं, लेकिन दुनिया का रवैया बदल जाता है। मैंने यह बात साफ महसूस की है। लेकिन मैं इसे पॉजिटिव रूप में देखती हूं। मैं अपनी सफलता और असफलता दोनों को बैलेंस के साथ लेती हूं। न ज्यादा सेलिब्रेट करती हूं और न ज्यादा अफसोस करती हूं। बस ईमानदारी से काम करती हूं और आगे बढ़ती रहती हूं।
कोई जॉनर या रोल जो करना चाहेंगी?
मुझे खुद हैरानी होती है कि आज तक किसी ने मुझे कॉमेडी में क्यों नहीं लिया। मेरी कॉमिक टाइमिंग काफी अच्छी है। मुझे रोमांटिक कॉमेडी भी बहुत पसंद हैं। 'ब्राइड्समेड्स' और जूलिया रॉबर्ट्स की पुरानी फिल्में देखकर मुझे बहुत मजा आता है। अगर हिंदी फिल्मों की बात करूं तो 'हेरा फेरी' मेरी ऑल टाइम फेवरेट है। मुझे ऐसी कॉमेडी पसंद है जिसमें दिल हो, हंसी हो और थोड़ी सी शरारत भी।
किस निर्देशक के साथ काम करने की ख्वाहिश है?
मुझे क्रिस्टोफर नोलन की फिल्में बेहद पसंद हैं। वह विज्ञान पर आधारित फिल्में बनाते हैं। उनकी फिल्में सीधा दिल को छू जाती हैं। इतनी गहराई और भावना के साथ तकनीकी फिल्म बनाना आसान नहीं होता। अगर कभी उनके साथ काम करने का मौका मिला तो वह मेरे लिए किसी सम्मान से कम नहीं होगा।
अगर आप एक्टिंग में नहीं होतीं तो आज खुद को कहां देखतीं?
मुझे हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री बहुत पसंद है। मैं बहुत बड़ी फूडी हूं। अगर एक्टिंग में नहीं होती तो शायद कोई रेस्टोरेंट खोलती। मुझे लोगों को अच्छा खाना खिलाना और उनके लिए एक खूबसूरत माहौल बनाना बहुत पसंद है। शायद आज मैं किसी रेस्टोरेंट की मालिक होती।
यश के साथ ‘टॉक्सिक’ में काम करना कितना खास है?
यह भारत की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है और मुझे खुशी है कि मैं इसका हिस्सा हूं। इस बारे में ज्यादा कुछ कहने की अनुमति नहीं है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह फिल्म सिनेमा में एक नया और बड़ा बदलाव लाएगी। इतना जरूर कहूंगी कि अगर गीतू मोहनदास और यश साथ आ रहे हैं तो यह प्रोजेक्ट धमाकेदार होने वाला है।
सोशल मीडिया कल्चर कौ कैसे देखती हैं, जहां पर तुरंत ही रिएक्शन मिल जाता है?
रिएक्शन आना एक अच्छी बात है, क्योंकि इसका मतलब है कि लोग आपका काम देख रहे हैं। लेकिन आजकल ट्रोलिंग बहुत आम हो गई है। यह सबसे परेशान करने वाली बात है। अगर किसी को आपका काम पसंद नहीं आता तो यह उसकी राय है, लेकिन किसी की पर्सनल लाइफ में दखल देना या बदतमीजी करना बिल्कुल गलत है। जैसे असली जिंदगी में गलत बर्ताव के नतीजे होते हैं वैसे ही ऑनलाइन दुनिया में भी जवाबदेही होनी चाहिए।
अगर आप सच में महारानी होतीं तो देश में पहला बदलाव क्या करतीं?
सबसे पहले मैं लड़कियों की शिक्षा पूरी तरह फ्री कर देती। हर लड़की को पढ़ने और अपने सपने पूरे करने का अधिकार होना चाहिए। मैं सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाती। सोशल मीडिया पर जो ट्रोलिंग और ऑनलाइन बदतमीजी का चलन है, उस पर सख्त कानून बनाती। जो लोग महिलाओं को ऑनलाइन परेशान करते हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। ऐसा व्यवहार मजाक नहीं बल्कि अपराध माना जाना चाहिए।
पिछले कुछ वक्त से आपकी सगाई की खबरें चल रही हैं। इनमें कितनी सच्चाई है?
(हंसते हुए) इस बारे में मैं सिर्फ यही कह सकती हूं कि जब सही वक्त आएगा, मैं खुद अनाउंसमेंट कर दूंगी।