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पैरासाइट के जरिए निर्देशक ने दिखाया सेमी-बेसमेंट अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का बदहाल जीवन
Sun, 16 Feb 2020 11:45 AM IST
अपूर्वा राय
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Sun, 16 Feb 2020 11:45 AM IST
सार
- दक्षिण कोरिया के 1.9% लोग सेमी-बेसमेंट अपार्टमेंट में रहते हैं।
- फिल्म में जिस प्रकार समाज व्यवस्था पर तंज कसा गया है वो काबिले तारीफ है।
- दक्षिण कोरिया के सेमी-बेसमेंट अपार्टमेंट में रहने वाले लोग जी रहे बदहाल जीवन।
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पैरासाइट फिल्म का एक दृश्य
- फोटो : ट्रेलर का स्क्रीनग्रैब
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विस्तार
दक्षिण कोरियाई फिल्म पैरासाइट ने ऑस्कर 2020 में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता। इसके बाद से ही हर तरफ इस फिल्म की चर्चा है। इस फिल्म का खासियत ये रही कि इसमें साउथ कोरिया के उन लोगों की जिंदगी को उठाया गया जो छोटे से सेमी-बेसमेंट अपार्टमेंट में रहने को मजबूर हैं।
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बॉन्ग जून हो की फिल्म ने दुनियाभर का ध्यान ऐसे लोगों की जिंदगी पर देने की कोशिश की है। फिल्म में जिस प्रकार समाज व्यवस्था पर तंज कसा गया है वो काबिले तारीफ है। फिल्म में जिस तरह दिखाया गया है कि एक तरफ साउथ कोरिया के लोग सेमी-बेसमेंट अपार्टमेंट में जहां ठीक से हवा तक नहीं आती, में रहने को मजबूर हैं तो वहीं दूसरी तरफ एक वर्ग ऐसा है जिसके पास शानदान मेंशन है।
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2015 के आंकड़ों का मानें तो दक्षिण कोरिया के 1.9% लोग सेमी-बेसमेंट अपार्टमेंट में रहते है। यह सियोल में रहने वाले शहरी निवासियों के लिए एक सस्ती पसंद में से एक है। बता दें सियोल एशिया के सबसे महंगे शहरों में से एक है। इनकी प्रतिमाह की किस्त भी $210 से $500 के बीच होती है। यहां बारिश के दिनों में पानी भर जाता है तो गर्मियों में यहां रहना मुश्किल हो जाता है। यहां तक सूरज की रोशनी भी बमुश्किल है पहुंच पाती है।
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बात करें फिल्म की तो 'पैरासाइट' की कहानी कोरिया में रहने वाले एक गरीब और एक उच्च वर्गीय परिवार की है। पैरासाइट एक ब्लैक कॉमेडी है, जिसमें सोशल स्टेट्स के साथ ही अधिक की चाहत और विलासपूर्ण जीवन के बीच के अंतर को खूबसूरत ढंग से दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि आर्थिक रूप से मजबूत और कमजोर होने पर समाज का नजरिया आपके लिए कैसा हो जाता है। फिल्म का एक एक सीन झकझोर देने वाला है। आप यूट्यूब पर इसका ट्रेलर देख सकते हैं।
पैरासाइट को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के साथ-साथ, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म और ओरिजिनल स्क्रीनप्ले का ऑस्कर भी मिला है। इस फिल्म का प्रीमियर 2019 के कान फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ था। ओरिजिनल स्क्रीनप्ले के लिए ये फिल्म बाफ्टा में भी पुरस्कार जीत चुकी है।
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