क्रिस्टन स्टीवर्ट पैरामाउंट-वार्नर डील के खिलाफ, 1 हजार एक्टर्स ने साइन किया ओपन लेटर; जानें पूरा मामला?
Kristen Stewart And Other Celebs Against Paramount-Warner deal: इन दिनों हॉलीवुड में पैरामाउंट स्काईडांस कंपनी द्वारा वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के प्रस्तावित अधिग्रहण का मामला चर्चा में है। इस डील का कई हॉलीवुड स्टार्स विरोध कर रहे हैं। जानिए, क्यों?
विस्तार
हाल ही में हॉलीवुड स्टार जोकिन फीनिक्स, बेन स्टिलर, क्रिस्टन स्टीवर्ट समेत 1,000 से ज्यादा हॉलीवुड एक्टर्स ने एक ओपन लेटर साइन किया है। इस ओपन लेटर में पैरामाउंट स्काईडांस स्टूडियो कंपनी द्वारा वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के प्रस्तावित अधिग्रहण का विरोध किया गया है।
क्यों हॉलीवुड स्टार कर रहे हैं इस डील का विरोध?
वैरायटी के मुताबिक इस खत में कहा गया है, ‘हम इस डील से चिंता में हैं। यह डील चंद लोगों को फायदा पहुचांएगी। इसमें फिल्म जगत से जुड़े आम लोगों का हित नजर नहीं आता है। हमारी इंडस्ट्री इससे खतरे में पड़ जाएगी। किसी भी इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए एक सही कॉम्पिटिशन वाला माहौल जरूरी है। साथ ही सोच-समझकर बनाए गए नियम और उनका पालन भी जरूरी है।’
बता दें कि सीईओ डेविड एलिसन के नेतृत्व वाली पैरामाउंट स्काईडांस का फरवरी के आखिर में नेटफ्लिक्स के साथ संपत्तियों को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद ही उन्होंने डेविड जस्लाव की वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को 111 अरब यूएसडी में खरीदने की बात कही थी।
कई एक्टर्स ने किया डील का विरोध
इस डील के विरोध में कई हॉलीवुड एक्टर्स हैं, ओपन लेटर में 1000 हॉलीवुड स्टार्स ने साइन किए हैं। इस डील का विरोध करने वालों में एडम मैके, एलन कमिंग, एलिसा मिलानो, बूट्स रिले, ब्रायन क्रैनस्टन, सिंथिया निक्सन, डेमन लिंडेलोफ, डेविड फिंचर, डेनिस विलेन्यूवे, इलियट पेज, ग्लेन क्लोज, जेन फोंडा, जेजे अब्राम्स, जेसन बेटमैन, जॉन लेगुइजामो, लिन-मैनुअल मिरांडा, मार्गरेट चो, मार्क रफालो, नोआ वाइल, पैटी लुपोन, रामी यूसुफ, रोसारियो डॉसन, रोज ओडॉनेल, टेड डैनसन, टिफनी हैडिश, टिग नोटारो, योर्गोस लैंथिमोस और यवेट निकोल ब्राउन जैसे कई एक्टर्स शामिल हैं।
इस डील के संभावित नुकसान क्या होंगे?
अगर पैरामाउंट स्काईडांस और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का मर्जर होता है तो इसके कुछ संभावित नुकसान हो सकते हैं, ऐसा हॉलीवुड आर्टिस्ट का मानना है। इस डील का मतलब है कि कम फिल्में और कम टीवी शो बनेंगे। जिसके कारण फिल्ममेकिंग इंडस्ट्री में नौकरियां कम हो जाएंगी। दरअसल, जब दो बड़े स्टूडियो एक ही कंपनी के मालिकाना हक में आ जाते हैं, तो वह अपने हिसाब से काम करते हैं। इससे कई हजारों, लाखों कर्मचारियों की पेशेवर जिंदगी भविष्य में खतरे में पड़ सकती है।