एंजेलीना जोली ने दिए राजनीति में आने के संकेत, बोलीं- 'अगर मेरी जरूरत होगी तो मैं जरूर जाऊंगी'
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बीबीसी टुडे प्रोग्राम के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने 20 साल पहले इसे नकार दिया था, लेकिन अब वे वहां जाएंगी जहां उनकी जरूरत थी। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की विशेष दूत एंजेलीना जोली शुक्रवार को बीबीसी के टुडे प्रोग्राम की गेस्ट एडिटर थीं।
जोली शरणार्थी, यौन हिंसा और प्रकृति के संरक्षण जैसे कई मुद्दों की सक्रिय प्रचारक हैं। प्रोग्राम के प्रजेंटर जस्टिन वेब थे, जिन्होंने जोली के साथ अमरीकी राजनीति, सोशल मीडिया, यौन हिंसा और शरणार्थियों के वैश्विक संकट पर बात की।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कभी अमरीकी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो उन्होंने कहा, ''अगर यही आप 20 साल पहले पूछते तो शायद मुझे हंसी आ जाती... मैं हमेशा से कहती हूं कि जहां मेरी जरूरत होगी मैं वहीं जाऊंगी, अगर मैं राजनीति के लिए फिट बैठती हूं तो वहां चली जाऊंगी।"
"मैं सरकार के साथ काम करने में भी सक्षम हूं और सेना के साथ भी और इसलिए मैं उस दिलचस्प जगह पर पहुंचकर बहुत कुछ कर पाने में सक्षम हूं।"
इसी में एंजेलिना आगे जोड़ती हैं, लेकिन अभी के लिए वे चुप रहना चाहती हैं। जब जस्टिन वेब ने सुझाव दिया कि उनका मतलब है कि राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए चल रहे 30 से 40 डेमोक्रेट्स की सूची में उनका नाम भी हो सकता है, तो उन्होंने मना नहीं किया बल्कि इसके बदले में ''शुक्रिया अदा किया''।
एंजेलीना जोली डेविड डिम्बलबी और मार्था लेन सहित उन अतिथियों में शामिल हैं जो 22 दिसम्बर से 1 जनवरी के बीच कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं।
उन्होंने अपने बच्चों के सोशल मीडिया की गतिविधियों पर नजर रखने में मुश्किलों पर भी बात की, जिसमें उन्होंने बताया कि अधिकतर माता-पिता की तरह वे भी सभी चीजों पर कंट्रोल नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, "युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी ही सच है जो हमारी पीढ़ी उसका आधा भी नहीं समझ सकती।"