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ऑस्कर 2018 में सम्मान लेने वालों में मुंबई के इंजीनियर भी शामिल, 7 साल तक कॉलेज में रहे थे टीचर
Sun, 24 Feb 2019 02:13 PM IST
विजय जैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 24 Feb 2019 02:13 PM IST
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vikas sathaye
- फोटो : file photo
मुंबई के इंजीनियर विकास सथाए और उनकी टीम को पिछले साल ऑस्कर में साइंटिफिक और इंजीनियरिंग अवॉर्ड से नवाजा गया है। चार लोगों की टीम को बेवर्ली हिल्स सेरेमनी में कॉन्सेप्ट, डिजाइन, इंजीनियरिंग और शॉटओवर केवन कैमरा सिस्टम के कार्यान्वय के लिए सम्मानित किया गया। जिसकी एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एण्ड साइंस ने सिक्स एक्सिस स्टैबलिस्ड एरियल कैमरा माउंट के रूप में व्याख्या की है।
सथाए ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा था कि 2009 में उन्होंने क्वीनस्टॉउन में नई कंपनी शॉटओवर कैमरा सिस्टम को ज्वाइन किया था। जहां वो एरियल माउंट पर काम करते थे। इस कंपनी को क्वीनस्टॉउन में शुरू करने की वजह वहां की प्राकृतिक सुंदरता थी। जोकि फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर्स को आकर्षित करती है।
सथाए का जन्म 1967 में पुणे में हुआ था और उनकी पढ़ाई मुंबई में हुई। उन्होंने वीपीएम पॉलीटेक्निक ठाणे से डिप्लोमा किया है। उन्होंने पुणे की कमिंस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन में सात साल पढ़ाया, जिसके दौरान उन्हें तीन महीनों के लिए फिएट के साथ एक प्रोजेक्ट के लिए इटली भेज दिया गया। जिसके बाद उन्हें एम्बेडेड सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी के लिए प्रेरणा मिली।
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सथाए ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा था कि 2009 में उन्होंने क्वीनस्टॉउन में नई कंपनी शॉटओवर कैमरा सिस्टम को ज्वाइन किया था। जहां वो एरियल माउंट पर काम करते थे। इस कंपनी को क्वीनस्टॉउन में शुरू करने की वजह वहां की प्राकृतिक सुंदरता थी। जोकि फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर्स को आकर्षित करती है।
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सथाए का जन्म 1967 में पुणे में हुआ था और उनकी पढ़ाई मुंबई में हुई। उन्होंने वीपीएम पॉलीटेक्निक ठाणे से डिप्लोमा किया है। उन्होंने पुणे की कमिंस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमेन में सात साल पढ़ाया, जिसके दौरान उन्हें तीन महीनों के लिए फिएट के साथ एक प्रोजेक्ट के लिए इटली भेज दिया गया। जिसके बाद उन्हें एम्बेडेड सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी के लिए प्रेरणा मिली।
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