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आसान नहीं असरानी होना: दिग्गज कलाकार की अंतिम विदाई पर मैनेजर बाबू भाई ने बताई भावुक बात; अन्नू कपूर ने कहा...
Wed, 22 Oct 2025 03:01 AM IST
ज्योति भास्कर
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला।
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 22 Oct 2025 03:01 AM IST
सार
दिग्गज कलाकार गोवर्धन असरानी ने 84 साल की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म और कला जगत मायूस है। तमाम साथी कलाकारों ने अपने तरीके से असरानी को याद कर श्रद्धांजलि दी। उनके मैनेजर बाबू भाई ने एक ऐसी भावुक और प्रेरक बात बताई है, जिसे सुन कर केवल इतना कहा जा सकता है, आसान नहीं है असरानी होना... जानिए खास बात
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असरानी के निधन पर मैनेजर बाबू भाई ने बताई अंतिम विदाई से जुड़ी उनकी इच्छा
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हजारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है, चमन में दीदा-वर पैदा
अल्लामा इकबाल की ये पंक्तियां असरानी के जीवन से चरितार्थ होती हैं। भारतीय फिल्म और रंगमंच के दिग्गज कलाकार गोवर्धन असरानी की देह बीत गई। 84 साल की आयु में अंतिम सांस लेने वाला ये दिग्गज कलाकार हर आयु वर्ग में लोकप्रिय और मशहूर रहा। आज भी दशकों पुरानी फिल्म शोले का आइकॉनिक डायलॉग 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' लाखों-करोड़ों अधरों पर मुस्कान बिखेर देता है। अब जबकि असरानी हमारे बीच नहीं हैं, उनके मैनेजर बाबू भाई थीबा ने एक ऐसी बात साझा की है, जो उनके चाहने वालों को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी करती है।
अंतिम विदाई में वे एक आम आदमी की तरह जाना चाहते हैं
दरअसल, शोहरत की बुलंदियों और कामयाबी की तमाम रेखाओं को छूकर गुजरने के बाद भी आदमी कितनी सादगी से अपना जीवन गुजार सकता है, असरानी इसकी मिसाल हैं। मैनेजर बाबू भाई थीबा ने बताया कि असरानी कहा करते थे, अपनी अंतिम विदाई में वे एक आम आदमी की तरह जाना चाहते हैं। एक अन्य दिग्गज कलाकार जो उम्र में भले ही असरानी से 15 साल छोटे हैं, लेकिन वे भी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं, उन्होंने भी असरानी की इस बात को प्रेरणा माना है। असरानी के जीवन से जुड़ा ये प्रसंग हम सबको जानना चाहिए, जिससे आने वाले समय में ये बात करोड़ों लोगों के जीवन में प्रकाश पुंज की तरह चमकता रहे।
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बड़ी मुश्किल से होता है, चमन में दीदा-वर पैदा
अल्लामा इकबाल की ये पंक्तियां असरानी के जीवन से चरितार्थ होती हैं। भारतीय फिल्म और रंगमंच के दिग्गज कलाकार गोवर्धन असरानी की देह बीत गई। 84 साल की आयु में अंतिम सांस लेने वाला ये दिग्गज कलाकार हर आयु वर्ग में लोकप्रिय और मशहूर रहा। आज भी दशकों पुरानी फिल्म शोले का आइकॉनिक डायलॉग 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' लाखों-करोड़ों अधरों पर मुस्कान बिखेर देता है। अब जबकि असरानी हमारे बीच नहीं हैं, उनके मैनेजर बाबू भाई थीबा ने एक ऐसी बात साझा की है, जो उनके चाहने वालों को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी करती है।
अंतिम विदाई में वे एक आम आदमी की तरह जाना चाहते हैं
दरअसल, शोहरत की बुलंदियों और कामयाबी की तमाम रेखाओं को छूकर गुजरने के बाद भी आदमी कितनी सादगी से अपना जीवन गुजार सकता है, असरानी इसकी मिसाल हैं। मैनेजर बाबू भाई थीबा ने बताया कि असरानी कहा करते थे, अपनी अंतिम विदाई में वे एक आम आदमी की तरह जाना चाहते हैं। एक अन्य दिग्गज कलाकार जो उम्र में भले ही असरानी से 15 साल छोटे हैं, लेकिन वे भी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं, उन्होंने भी असरानी की इस बात को प्रेरणा माना है। असरानी के जीवन से जुड़ा ये प्रसंग हम सबको जानना चाहिए, जिससे आने वाले समय में ये बात करोड़ों लोगों के जीवन में प्रकाश पुंज की तरह चमकता रहे।
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जयपुर से भी रहा असरानी का नाता
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से व्यक्त भावनाओं का आभार
असरानी के साथ अपने अनुभवों को याद कर मैनेजर बाबू भाई ने बताया कि वे दो दशकों से अभी अधिक समय उनके साथ रहे। बाबू भाई ने कहा, 'इन 20 वर्षों में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने मुझे एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। असरानी परिवार की ओर से, मैं एक्स के जरिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से व्यक्त की गई भावनाओं के लिए उनका भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने उन्हें याद किया। असरानी साहब हमेशा यादों में रहेंगे। दर्शकों ने उन्हें जिस तरह सराहा, वह हमेशा यादगार रहेगा।'
असरानी के साथ अपने अनुभवों को याद कर मैनेजर बाबू भाई ने बताया कि वे दो दशकों से अभी अधिक समय उनके साथ रहे। बाबू भाई ने कहा, 'इन 20 वर्षों में मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने मुझे एक बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। असरानी परिवार की ओर से, मैं एक्स के जरिए प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से व्यक्त की गई भावनाओं के लिए उनका भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने उन्हें याद किया। असरानी साहब हमेशा यादों में रहेंगे। दर्शकों ने उन्हें जिस तरह सराहा, वह हमेशा यादगार रहेगा।'
#WATCH | Mumbai: On the demise of Veteran Actor-director Govardhan Asrani, his manager Babu Bhai Theeba says, "I have worked with him for more than 20 years. I learnt a lot from him in these 20 years. He inspired me to become a better human being. On behalf of the Asrani family,… pic.twitter.com/TmvUEJUXed
— ANI (@ANI) October 21, 2025
असरानी
- फोटो : पीटीआई
खामोशी से दुनिया छोड़ने की इच्छा रखते थे असरानी
मैनेजर बाबू भाई थीबा ने बताया, 'असरानी साहब ने मुझे और अपनी पत्नी मंजू को बताया था कि वे बहुत ही साधारण इंसान हैं और एक आम इंसान की तरह ही इस दुनिया से विदा लेना चाहते हैं। वे फिल्मी सितारों को दी जाने वाली विदाई की तरह कोई फिजूलखर्ची नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा था, 'जिस तरह मैंने शांति और सादगी से जीवन जिया है, उसी तरह मैं विदा भी लेना चाहता हूं।' इसीलिए हमने उनका अंतिम संस्कार निजी तौर पर किया।'
पंचतत्व में विलीन हो गया सितारा, सिल्वर स्क्रीन से जुड़े लोगों को पता भी नहीं!
बता दें कि 20 अक्तूबर को जब देश दीपावली के जश्न में डूबा था तभी देर शाम असरानी के निधन की बात सामने आई। यह खबर तब सार्वजनिक हुई जब उनके परिवार ने उनका अंतिम संस्कार करने के बाद इसकी जानकारी दी। यहां तक कि फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों को भी भी दाह संस्कार के बाद तक उनके निधन के बारे में पता नहीं था। निधन की अगली सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम लोगों ने शोक प्रकट किया।
मैनेजर बाबू भाई थीबा ने बताया, 'असरानी साहब ने मुझे और अपनी पत्नी मंजू को बताया था कि वे बहुत ही साधारण इंसान हैं और एक आम इंसान की तरह ही इस दुनिया से विदा लेना चाहते हैं। वे फिल्मी सितारों को दी जाने वाली विदाई की तरह कोई फिजूलखर्ची नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा था, 'जिस तरह मैंने शांति और सादगी से जीवन जिया है, उसी तरह मैं विदा भी लेना चाहता हूं।' इसीलिए हमने उनका अंतिम संस्कार निजी तौर पर किया।'
पंचतत्व में विलीन हो गया सितारा, सिल्वर स्क्रीन से जुड़े लोगों को पता भी नहीं!
बता दें कि 20 अक्तूबर को जब देश दीपावली के जश्न में डूबा था तभी देर शाम असरानी के निधन की बात सामने आई। यह खबर तब सार्वजनिक हुई जब उनके परिवार ने उनका अंतिम संस्कार करने के बाद इसकी जानकारी दी। यहां तक कि फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों को भी भी दाह संस्कार के बाद तक उनके निधन के बारे में पता नहीं था। निधन की अगली सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम लोगों ने शोक प्रकट किया।
असरानी के मैनेजर बाबू भाई ने बताए उनके सिद्धांत
- फोटो : एएनआई-पीटीआई
तबीयत ठीक नहीं थी... चार दिनों तक चला मौत से संघर्ष
निधन के बाद खामोशी से हुए अंतिम संस्कार का कारण बताने के अलावा बाबू भाई ने भी बताया कि दिग्गज अभिनेता को उनके निधन से चार दिन पहले मुंबई के जुहू में भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, 'वह 15 दिनों से कमजोरी महसूस कर रहे थे। चार दिन पहले सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के कारण उन्होंने डॉक्टर से मुलाकात की। चिकित्सीय सलाह के बाद, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और हमें शूटिंग रद्द करनी पड़ी। शुरुआत में, सुधार के संकेत दिखे, लेकिन तीसरे दिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। चौथे दिन उनका निधन हो गया।' गौरतलब है कि असरानी आखिरी बार पर्दे पर फिल्म 'भूत बांग्ला' और 'हैवान' में नजर आएंगे। उनकी फिल्में अगले वर्ष रिलीज होंगी।
निधन के बाद खामोशी से हुए अंतिम संस्कार का कारण बताने के अलावा बाबू भाई ने भी बताया कि दिग्गज अभिनेता को उनके निधन से चार दिन पहले मुंबई के जुहू में भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा, 'वह 15 दिनों से कमजोरी महसूस कर रहे थे। चार दिन पहले सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के कारण उन्होंने डॉक्टर से मुलाकात की। चिकित्सीय सलाह के बाद, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और हमें शूटिंग रद्द करनी पड़ी। शुरुआत में, सुधार के संकेत दिखे, लेकिन तीसरे दिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई। चौथे दिन उनका निधन हो गया।' गौरतलब है कि असरानी आखिरी बार पर्दे पर फिल्म 'भूत बांग्ला' और 'हैवान' में नजर आएंगे। उनकी फिल्में अगले वर्ष रिलीज होंगी।
अन्नू कपूर ने असरानी के विचारों को प्रेरणा बताया
जाने-माने अभिनेता, निर्देशक और टीवी कलाकार अन्नू कपूर ने असरानी के निधन पर इस दुनिया से उनकी शांतिपूर्ण और खामोशी से हुई विदाई की इच्छा का उल्लेख कर कहा, यदि उनका निधन किसी त्योहार या प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान हो, तो वे खुद भी ऐसी ही शांतिपूर्ण विदाई चाहेंगे। कपूर ने कहा, 'उनकी इस इच्छा ने मुझे भी प्रेरित किया...जब मेरा इस दुनिया नामक होटल से चेक आउट करने का समय आए और वो तिथि या समय किसी राष्ट्रीय पर्व या त्योहार से जुड़ा हो.. मसलन 15 अगस्त या 26 जनवरी या दिवाली, होली, ईद... मेरा भी संस्कार गुप्त रूप से किया जाए। मैं किसी को परेशान नहीं करना चाहता हूं..मैं इस दुनिया में बोझ बनकर नहीं जीना चाहता।'
जाने-माने अभिनेता, निर्देशक और टीवी कलाकार अन्नू कपूर ने असरानी के निधन पर इस दुनिया से उनकी शांतिपूर्ण और खामोशी से हुई विदाई की इच्छा का उल्लेख कर कहा, यदि उनका निधन किसी त्योहार या प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान हो, तो वे खुद भी ऐसी ही शांतिपूर्ण विदाई चाहेंगे। कपूर ने कहा, 'उनकी इस इच्छा ने मुझे भी प्रेरित किया...जब मेरा इस दुनिया नामक होटल से चेक आउट करने का समय आए और वो तिथि या समय किसी राष्ट्रीय पर्व या त्योहार से जुड़ा हो.. मसलन 15 अगस्त या 26 जनवरी या दिवाली, होली, ईद... मेरा भी संस्कार गुप्त रूप से किया जाए। मैं किसी को परेशान नहीं करना चाहता हूं..मैं इस दुनिया में बोझ बनकर नहीं जीना चाहता।'