Ekta Kapoor: अश्लीलता मामले में एकता पर नहीं दर्ज हुई एफआईआर, कोर्ट ने पुलिस को भेजा नोटिस
यूट्यूबर विकास पाठक ने निर्माता एकता कपूर पर भारतीय सैनिकों का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने साल 2020 में मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसी पर कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांद्रा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने टेलीविजन और वेब सीरीज निर्माता एकता कपूर के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस की लापरवाही को गंभीरता से लिया है। अदालत ने जांच रिपोर्ट समय पर पेश न करने पर मुंबई पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ये मामला एक वेब सीरीज में भारतीय सेना की वर्दी और प्रतीक चिन्ह को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाने को लेकर दर्ज किया गया था।
'हिंदुस्तानी भाऊ' ने दर्ज कराई थी शिकायत
ये आपराधिक शिकायत यूट्यूबर विकास पाठक, जिन्हें 'हिंदुस्तानी भाऊ' के नाम से जाना जाता है, उन्होंने दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि एकता कपूर की ओटीटी प्लेटफॉर्म 'ऑल्ट बालाजी' पर प्रसारित एक वेब सीरीज में भारतीय सेना की वर्दी में एक अधिकारी को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया, जिससे देश की सेना की गरिमा को ठेस पहुंची है। इस शिकायत में एकता कपूर के अलावा उनके माता-पिता शोभा कपूर और जितेंद्र कपूर का नाम भी शामिल किया गया है।
ये खबर भी पढ़ें: Metro In Dino Day 1 Box Office: बॉक्स ऑफिस पर पास या फेल? जानिए 'मेट्रो इन दिनों' का पहले दिन का कलेक्शन
4 जुलाई को पुलिस ने भेजा नोटिस
ये मामला फरवरी 2024 में सामने आया था, जब बांद्रा स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खार पुलिस को निर्देश दिया था कि वो इस शिकायत की जांच करे और 9 मई तक रिपोर्ट सौंपे। हालांकि तय समयसीमा बीतने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की, जिसके चलते कोर्ट ने 4 जुलाई को पुलिस को नोटिस भेजा और पूछा कि जांच रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई।
शिकायतकर्ता के वकील ने क्या कहा?
शिकायतकर्ता के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने बताया कि वेब सीरीज के एक एपिसोड में भारतीय सेना की वर्दी में एक किरदार को अनैतिक गतिविधि में दिखाया गया, जो न सिर्फ सेना का अपमान है बल्कि देश के प्रतीकों के प्रति भी असम्मानजनक बर्ताव दर्शाता है।
निर्माता की तरफ से नहीं आया कोई बयान
शिकायत में साफ किया गया है कि ये सीन मई 2020 में सामने आया था और तब से इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी कई बार नाराजगी जताई जा चुकी है। हालांकि ओटीटी प्लेटफॉर्म और निर्माताओं की ओर से इस पर कोई सार्वजनिक माफी या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जांच रिपोर्ट में देरी को अनुचित माना और पुलिस से जवाब तलब किया है कि अब तक ये रिपोर्ट क्यों नहीं सौंपा गया।