Tumbbad: राही अनिल बर्वे ने डेब्यू फिल्म निर्माताओं को घोटालों पर दी चेतावनी, तुम्बाड़ मेकर्स पर साधा निशाना?
'तुम्बाड' के निर्देशक का कहना है कि हिंदी फिल्म उद्योग में बौद्धिक संपदा अधिकार और पहली बार आने वाले कलाकार की फीस को अक्सर एक मजाक के रूप में देखा जाता है।
विस्तार
2018 की हॉरर फिल्म तुम्बाड़ के निर्माताओं और इसके निर्देशक राही अनिल बर्वे के बीच दरार की अटकलें पिछले कुछ समय से हवा में हैं। फिल्म के दोबारा रिलीज के प्रचार अभियान के दौरान उनकी अनुपस्थिति और सीक्वल से बाहर निकलने ने आग में घी डालने का काम किया, जबकि हाल ही में अभिनेता सोहम शाह ने कहा है कि उनके बीच सब ठीक है, लेकिन अभी भी ऐसा लग रहा है कि राही और निर्माताओं के बीच तनाव है।
बॉलीवुड के घोटालों के बारे में चेताया
दरअसल, ऐसा इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि राही अनिल बर्वे ने उभरते फिल्म निर्माताओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) से संबंधित बॉलीवुड में संभावित घोटालों के बारे में चेतावनी जारी की है। 'तुम्बाड़' के निर्देशक का कहना है कि हिंदी फिल्म उद्योग में बौद्धिक संपदा अधिकार और पहली बार आने वाले कलाकार की फीस को अक्सर एक मजाक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने नए फिल्म निर्माताओं से स्टूडियो के साथ कानूनी अनुबंध पर हस्ताक्षर करते समय सतर्क रहने का आग्रह किया है।
सोहम-राही के बीच तनाव जारी
निर्देशक की यह टिप्पणी उनके उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह 'तुम्बाड़' सीक्वल के लिए वापस नहीं आएंगे, जिसकी घोषणा फिल्म के मुख्य कलाकार और निर्माता सोहम शाह ने 13 सितंबर को दोबारा रिलीज होने के बाद की थी। 'तुम्बाड़' मूल रूप से 2018 में रिलीज हुई थी, जो राही अनिल बर्वे की पहली फिल्म थी, जिसे उन्होंने मराठी लेखक नारायण धरप की कहानी पर आधारित लिखा था। अब उन्होंने पहली फिल्म करने वालों को चेतावनी जारी कर इस ओर इशारा किया है कि अभी भी सोहम और उनके बीच तनाव है।
राही की पोस्ट
अपनी पोस्ट में राही ने लिखा, 'अपनी पहली फिल्म बनाते समय सावधान रहें। बॉलीवुड में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) और पहली बार काम करने वालों की फीस को अक्सर स्टूडियो के कानूनी अनुबंधों में मजाक के तौर पर देखा जाता है। कई संघर्षशील कलाकार, अपनी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए बेताब रहते हैं, लेकिन वे इस मुद्दे की गंभीरता को समझने में विफल रहते हैं। कुछ लोग तो शर्तों को समझने में मदद के लिए एक बुनियादी वकील का खर्च भी नहीं उठा सकते।'
सोहम पर साधा निशाना?
उन्होंने आगे लिखा, 'मैंने हाल ही में जिन कई रचनाकारों और कलाकारों के साथ काम किया है, उन्हें भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। अल्पावधि में हमारा बहुत कम शोषण किया जाता है, लेकिन लंबे समय में, हम अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा खो देते हैं। कृपया भविष्य में किसी भी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करें।' अब इस पोस्ट के बाद यूजर्स का कहना है कि राही 'तुम्बाड़' के बारे में बात कर रहे हैं।