Vivek Agnihotri: फिल्मों की री-रिलीज पर विवेक अग्निहोत्री का तंज, बोले- बॉलीवुड खस्ताहाल में है, पतन हो रहा है
Vivek Agnihotri: मशहूर फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने हाल ही में बॉलीवुड में चल पड़े पुरानी फिल्मों को दोबारा रिलीज करने के सिलसिले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड खस्ताहाल में है। अब इसके पास कोई नया आइडिया नहीं है।
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फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने हाल ही में बॉलीवुड इंडस्ट्री को लेकर बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर एक लंबा नोट लिखा है। उनका कहना है कि बॉलीवुड संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। इसका पतन हो रहा है और यह खस्ताहाल स्थिति में है। निर्देशक ने हाल के दिनों में पुरानी फिल्मों को दोबारा रिलीज किए जाने के चलन पर भी प्रतिक्रिया दी।
'बॉलीवुड का पतन हो रहा है और यह अच्छी बात है'
विवेक अग्निहोत्री ने अपने एक्स अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) से एक पोस्ट शेयर किया है। इसके साथ लिखा है, 'बॉलीवुड गिर रहा है और यह सबसे अच्छी बात है जो हो सकती है। बॉलीवुड खस्ताहाल में है और यह इंडस्ट्री के लिए अच्छा है। नई इमारत खड़ी करने के लिए आपको पुरानी इमारत को गिराना होगा। यही वह समय है'। आगे लिखा है, 'आज बॉलीवुड में शायद ही कोई स्वतंत्र निर्माता है। यहां अब कोई नया निर्माता नहीं है। नए आइडिया नहीं हैं। कोई इनोवेटिव डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग रणनीति नहीं है'।
BOLLYWOOD IS FALLING — and it’s the best thing that could happen.
— Vivek Ranjan Agnihotri (@vivekagnihotri) March 8, 2025
Bollywood is in shambles. And that’s good for the industry. To erect a new building, you must demolish the old one. This is that time.
Today, Bollywood has hardly any independent producers. No new producers. No…
'नई फिल्में नहीं हैं, पुरानी रिलीज पर होड़ मची है'
विवेक अग्निहोत्री ने आगे लिखा है, 'कुछ साल पहले बॉलीवुड में एक दर्जन स्टूडियो थे। अब केवल दो या तीन बचे हैं और वे भी एकाधिकारवादी हैं। और वे फिल्म निर्माण के अलावा अन्य कारणों से यहां हैं। सिनेमा के प्रति जुनून की जगह कॉर्पोरेट लालच और एजेंडा वाले कंटेंट ने ले ली है। फिल्में नहीं हैं। फिल्मों का मानो अकाल पड़ गया है, इसीलिए पुरानी फिल्मों को रिलीज करने की होड़ मची हुई है'।
बोले- अच्छे निर्देशकों ने हार मान ली है
विवेक अग्निहोत्री ने आगे लिखा है, 'अधिकांश निर्देशक जो इस कठिन समय में कुछ बदलाव ला सकते थे, उन्होंने हार मान ली है और ओटीटी के आगे घुटने टेक दिए हैं। फिल्म बिजनेस को चलाते रहने के लिए स्टार-अभिनेता जरूरी हैं। लेकिन कोई भी होनहार नया सितारा नहीं है। यदि आप 21-35 आयु वर्ग के किसी कलाकार को कास्ट करना चाहते हैं, तो आपको करीब-करीब शायद कोई मिले ही न। न तो हीरो और न ही हीरोइन। जो कुछ हैं वे हिंदी नहीं बोल सकते। इमोशंस नहीं दिखा पाते। अपने काम से ज्यादा इंस्टाग्राम में दिलचस्पी है'। विवेक अग्निहोत्री के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह अपनी फिल्म 'द दिल्ली फाइल: द बंगाल चैप्टर' की तैयारी में व्यस्त हैं।