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पुण्यतिथि विशेषः सुनिए आनंद बख्शी के टॉप 3 गाने
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 30 Mar 2013 12:49 PM IST
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हरदिल अजीज गीतकार आनंद बख्शी की आज पुण्यतिथि है। 21 जुलाई 1920 में रावलपिंडी में जन्में आनंद बक्शी ने लगभग चालीस साल तक हिंदी फिल्मों के लिए गीत लिखे।
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81 बरस की आयु में 30 मार्च 2002 को जब आनंद बख्शी हमारे बीच से रुखसत हुए तब तक वह बतौर गीतकार सक्रिय रहे। 2001 में रिलीज हुई 'गदर एक प्रेम कथा' फिल्म का गाना "उड़ जा काले कांवा" उनका लिखा हुआ अंतिम गीत था।
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आनंद बख्शी की सबसे बड़ी खासियत उनकी रेंज थी। वह एक तरफ 'कटी पतंग' फिल्म का गाना "न उमंग है न तरंग है" लिखते हैं तो दूसरी तरफ वह 'मोहरा" फिल्म के लिए "तू चीज बड़ी है मस्त मस्त" भी लिखते हैं।
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आनंद बख्शी की विशेषता यह थी कि उन्होंने बोलचाल की भाषा में गीत लिखे। उन्होंने हमेशा कठिन शब्दों का परहेज किया। आनंद बख्शी के गानों का 40 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड में नामांकन हुआ। आइए देखते हैं कि वह टॉप 3 गाने कौन-कौन से रहे हैं।
"आदमी मुसाफिर है"
"तुझे देखा तो यह जाना सनम"
"तू चीज बड़ी है मस्त मस्त"