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Satya: राम गोपाल वर्मा को ऐसे मिला फिल्म 'सत्या' का आइडिया, बोले- 'गैंगस्टर भी नॉर्मल ही दिखते हैं'
Sun, 12 Jan 2025 07:25 PM IST
तनु चतुर्वेदी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: तनु चतुर्वेदी
Updated Sun, 12 Jan 2025 07:25 PM IST
सार
'सत्या' फिल्म की कहानी को लेकर राम गोपाल वर्मा ने बात की है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर भी सामान्य ही दिखते हैं।
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राम गोपाल वर्मा
- फोटो : इंस्टाग्राम
विस्तार
फिल्म 'सत्या' मनोज बाजपेयी के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई है। निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने फिल्म के कभी न भुलाए जाने वाले पलों के बारे में बात की है। उन्होंने फिल्म से जुड़ी खास बातों को भी साझा किया है।
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राम गोपाल वर्मा ने कही ये बात
राम गोपाल वर्मा ने बताया कि जब वे रंगलीला के लिए मुंबई आए तो ने शहर की ऊर्जा ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने इस शहर के बारे में बहुत कम सुना था। उन्होंने कहा कि एक दिन प्रोड्यूसर के ऑफिस में मैंने सुना कि एक आदमी को किसी गैंग ने मार दिया। उस दौरान प्रोड्यूसर उस आदमी के आखिरी पलों के बारे में बात कर रहे थे, वहीं मैं सोच रहा था कि अगर वो आदमी सुबह 8.30 पर मार दिया गया तो हत्यारा कितने बजे उठा होगा? क्या उसने मर्डर के बाद और पहले नाश्ता किया होगा?
राम गोपाल वर्मा ने बताया कि जब वे रंगलीला के लिए मुंबई आए तो ने शहर की ऊर्जा ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने इस शहर के बारे में बहुत कम सुना था। उन्होंने कहा कि एक दिन प्रोड्यूसर के ऑफिस में मैंने सुना कि एक आदमी को किसी गैंग ने मार दिया। उस दौरान प्रोड्यूसर उस आदमी के आखिरी पलों के बारे में बात कर रहे थे, वहीं मैं सोच रहा था कि अगर वो आदमी सुबह 8.30 पर मार दिया गया तो हत्यारा कितने बजे उठा होगा? क्या उसने मर्डर के बाद और पहले नाश्ता किया होगा?
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राम गोपाल वर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
गैंगस्टर के बारे में बोले राम गोपाल वर्मा
उन्होंने कहा कि इन बातों ने मुझे महसूस करवाया कि जब गैंग्स्टर कुछ गलत करते हैं तब ही न्यूज आती है, इसके अलावा उनके बारे में कभी बात नहीं होती। उन्होंने कहा, मैंने एक न्यूज में देखा कि कुछ गैंगस्टर काले रंग के कपड़े पहने हुए हैं। गैंगस्टर भी सामान्य लोगों की तरह ही दिखते हैं।
उन्होंने कहा कि इन बातों ने मुझे महसूस करवाया कि जब गैंग्स्टर कुछ गलत करते हैं तब ही न्यूज आती है, इसके अलावा उनके बारे में कभी बात नहीं होती। उन्होंने कहा, मैंने एक न्यूज में देखा कि कुछ गैंगस्टर काले रंग के कपड़े पहने हुए हैं। गैंगस्टर भी सामान्य लोगों की तरह ही दिखते हैं।
ऐसे मिली सत्या की कहानी
उन्होंने कहा, मैं इसके बाद मंदाकिनी के एक्स सेक्रेटरी अजीत देवानी से मिला। उन्होंने गैंगस्टर्स से जुड़ी बहुत सी कहानियां मुझे सुनाई। उनकी एक कहानी ने मुझे उलझा के रख दिया। इस कहानी में एक गैंगस्टर अपने भाई से नाराज हो गए। उसने कहा कि उसके भाई उसके बारे में नहीं सुन रहे थे। भीखू मात्रे के कैरेक्टर इसी से प्रभावित है। जो चंदेर की मौत पर रिएक्शन देता है। फिल्म निर्माता ने कहा, सत्या के सभी किरदार इसी तरह से आधारित हैं, जो कहानी मैंने सुनीं।
उन्होंने कहा, मैं इसके बाद मंदाकिनी के एक्स सेक्रेटरी अजीत देवानी से मिला। उन्होंने गैंगस्टर्स से जुड़ी बहुत सी कहानियां मुझे सुनाई। उनकी एक कहानी ने मुझे उलझा के रख दिया। इस कहानी में एक गैंगस्टर अपने भाई से नाराज हो गए। उसने कहा कि उसके भाई उसके बारे में नहीं सुन रहे थे। भीखू मात्रे के कैरेक्टर इसी से प्रभावित है। जो चंदेर की मौत पर रिएक्शन देता है। फिल्म निर्माता ने कहा, सत्या के सभी किरदार इसी तरह से आधारित हैं, जो कहानी मैंने सुनीं।