फरिश्ता: सीएम स्टालिन ने की अभिनेता त्यागराज भागवतर की मदद, घर का किराया चुकाने के लिए भी नहीं थे पैसे
- एम के स्टालिन ने त्यागराज भागवतर के परिवार की मदद की
- परिवार को दिए पांच लाख रुपए
- किराया भरने के लिए भी कर रहें थे संघर्ष
विस्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने अपने जमाने के मशहूर अभिनेता त्यागराज भागवतर के परिवार को पांच लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की है। बता दें कि त्यागराज भागवतर तमिल सिनेमा के पहले सुपरस्टार थे। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में पावलाकोडी, चिंतामणि, अशोक कुमार जैसी कई फिल्में दी। तमिल सिनेमा का सुपरस्टार होने के साथ-साथ वह एक क्लासिकल सिंगर और फिल्मों के निर्माता भी थे। सुपरस्टार और दिग्गज अभिनेता त्यागराज भागवतर के निजी जीवन ने उनके सिनेमाई करियर को एक समय के बाद इतना अधिक पप्रभावित किया कि उन्होंने फिल्मों में अपना दबदबा खो दिया। त्यागराज भागवतर का परिवार वर्तमान में गरीबी में जी रहा है और घर का किराया देने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं हैं।
त्यागराज भगवतार के प्रपौत्र साईराम ने याचिका दायर की थी।
त्यागराज भगवतार के परिवार की स्तिथि आज अच्छी नहीं हैं और घर का किराया देने के लिए भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। त्यागराज भगवतार के प्रपौत्र साईराम ने कुछ दिन पहले महासचिवालय में आकर मुख्यमंत्री के पृथक खंड में याचिका दायर की थी। जिसके बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने जल्द ही उनकी याचिका पर कार्यवाही की और तमिलनाडु हाउसिंग बोर्ड को लाभार्थी साईराम और उनके परिवार को कम किराए पर अपार्टमेंट भी आवंटित करने का आदेश दिया।
पांच लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने समय के तमिल सिनेमा के सुपरस्टार रहे एम के त्यागराज भगवतार के प्रपोत्र को शुक्रवार को पांच लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की। सचिवालय के आदेश पर साईराम और उनके परिवार के सदस्यों को वित्तीय सहायता मुहैया कराई गई।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की हो रही है तारीफ
मुख्यमंत्री द्वारा 2 दिनों के भीतर याचिका पर कार्रवाई करने से जनता में कुछ उम्मीद जगी है, और सोशल मीडिया पर उन्हें कई अन्य लोगों से प्रशंसा मिल रही है। बता दें कि दिग्गज अभिनेता एम के त्यागराज को लोग प्यार से एम के टी भी कहते हैं। वह सबसे महान कर्नाटक संगीत गायकों में से एक हैं, और उनकी कई फिल्में उस समय बॉक्स ऑफिस पर सफल फिल्में थीं। ‘हरिदास’ उनकी सफल फिल्मों में से एक थी जो वर्ष 1944 से 1946 तक लगातार तीन साल दो सिनेमाघरों में प्रदर्शित की गई थी।