Swara Bhaskar: मो. जुबैर की जमानत पर स्वरा ने सुप्रीम कोर्ट को कहा धन्यवाद, नेटिजन्स ने जमकर लगाई क्लास
मोहम्मद जुबैर को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया है।
विस्तार
स्वरा भास्कर बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में से हैं, जो अपने विचारों और बयानों को बड़ी बेबाकी से सबके सामने रखती हैं। स्वरा आए दिन अपने इन्हीं बयानों के चलते सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में अभिनेत्री ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद कहा है। सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देने वाली स्वरा एक बार फिर सबके निशाने पर आ गई हैं। अभिनेत्री के ट्वीट करते ही यूजर्स ने उनकी खिंचाई करनी शुरू कर दी है।
स्वरा ने कहा धन्यवाद
सुप्रीम कोर्ट ने कल यानी 20 जुलाई को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को सभी मामलों में अंतरिम जमानत दे दी है। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने जुबैर की गिरफ्तारी पर भी कई सवाल उठाएं। कोर्ट ने यूपी सरकार की तरफ से जुबैर के केस में गठित एसआईटी को भी भंग करने का आदेश दिया है। ऐसे में मोहम्मद जुबैर को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने पर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया है। उन्होंने लिखा,'थैंक्यू सुप्रीम कोर्ट! आपको और शक्ति वृंदा ग्रोवर!' अभिनेत्री के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स की लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा,'शिव जी ने वरदान तो रावण को भी दिया था लेकिन बाद में जो हुआ वो सबको पता है। खुश होने की जरूरत नहीं है।' दूसरे ने लिखा,'जमानत मिली है। अभी तो पन्ने खुलेंगे। फिर छाती पीट कर रोना होगा लिब्रान्डुओं को।' एक अन्य ने लिखा,'गद्दारी इसे कहते हैं। कुछ भी करो, लेकिन नफरत फैलाने वाले का साथ देकर 2 रुपये कमालो ट्वीट करके।' लगा रहा है मोहम्मद जुबैर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना स्वरा को भारी पड़ा गया है।
Thank you Supreme Court!
More power to you #VrindaGrover !
Onward and upward @zoo_bear
✨🙏🏽
— Swara Bhasker (@ReallySwara) July 20, 2022
क्या है मामला
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने जुबैर के ट्वीट्स पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 'एक पत्रकार लिखने से कैसे रोक सकते हैं। अगर वह ऐसा कुछ करता है जिससे कानून का उल्लंघन होता है, तो वह कानून के प्रति जवाबदेह है। लेकिन जब कोई नागरिक आवाज उठा रहा हो तो हम उसके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई कैसे कर सकते हैं?'