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स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत, चार हफ्ते के लिए टली सुनवाई

Mon, 22 Feb 2021 05:49 PM IST
shrilata biswas एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरनेटमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: shrilata biswas Updated Mon, 22 Feb 2021 05:49 PM IST
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Supreme court adjourns Kunal Kamra case for four weeks
कुणाल कामरा - फोटो : instagram/kuna_kamra

न्यायपालिका के खिलाफ कथित तौर पर विवादास्पद ट्वीट को लेकर स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सोमवार को चार हफ्तों के लिये टाल दी गई।

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न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी की एक पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कुछ याचिकाकर्ताओं द्वारा कामरा के हलफनामे पर जवाब दायर करने के लिए समय मांगे जाने के बाद यह निर्देश दिया। कामरा मामले में एक याचिका विधि छात्र श्रीरंग कातनेश्वरकर और अन्य ने दायर की है।
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कुणाल कामरा ने अपने जवाब में न्यायपालिका के खिलाफ अपने कथित विवादास्पद ट्वीट का बचाव करते हुए कहा कि अगर शक्तिशाली लोग और संस्थाएं आलोचनाओं को सहन करने में असमर्थता दर्शाएंगी तो भारत बंधुआ कलाकारों और चाटुकारों का देश बनकर रह जाएगा।

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अवमानना की कार्यवाही का सामना कर रहे कामरा ने यह भी कहा कि असहिष्णुता की संस्कृति बढ़ रही है, जहां किसी भी चीज को अपराध मान लेने को मौलिक अधिकार के तौर पर देखा जा रहा है और यह इसे “बेहद लोकप्रिय राष्ट्रीय घरेलू खेल” के तौर पर बढ़ाया जा रहा है।
 
शीर्ष अदालत ने पिछले साल 18 दिसंबर को कामरा को उच्चतम न्यायालय के खिलाफ उनके कथित विवादास्पद ट्वीट को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी थी।
 
अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की इजाजत देते हुए कहा था कि हास्य कलाकार के ट्वीट “अच्छी भावना” में नहीं थे और अब समय आ गया है कि लोग यह समझें कि उच्चतम न्यायालय पर बेवजह निशाना साधने पर सजा मिलेगी।
 
किसी व्यक्ति के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिये अदालत की अवमानना अधिनियम की धारा 15 के तहत अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की सहमति जरूरी है। उच्चतम न्यायालय की आपराधिक अवमानना में 2000 रुपये का जुर्माना और छह महीने तक कैद की सजा हो सकती है।

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