सौमित्र चटर्जी की हालत में नहीं हो रहा सुधार, लगातार कम हो रही प्लेटलेट्स की संख्या
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वरिष्ठ बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी उम्र के अंतिम पड़ाव में आकर गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं और डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं है। बीते रविवार को अपने बयान में उनकी देखभाल कर रहे डॉक्टरों ने कहा है कि सौमित्र की हालत बिगड़ती ही जा रही है। दवाइयों का उन पर कोई असर होता हुआ दिख नहीं रहा। कुछ समय पहले सौमित्र कोरोना वायरस से तो मुक्त हो चुके हैं, बावजूद इसके उनकी प्लेटलेट्स गिरती ही जा रही हैं।
कुछ समय पहले सौमित्र को लेकर डॉक्टरों ने खबर दी थी कि वह कोरोना वायरस से मुक्त हो गए हैं और धीरे-धीरे उनकी हालत में भी सुधार हो रहा है। सौमित्र धीरे धीरे ठीक हो रहे थे लेकिन फिर से उनकी तबीयत खराब हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 24 घंटे में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई है और लगातार उनकी प्लेटलेट्स भी कम हो रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनके हृदय की गति और फेफड़ों से सांस लेने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। सौमित्र का रक्तचाप भी बिल्कुल सही है।
बस धीरे-धीरे उनकी सोचने और समझने की शक्ति कम हो गई है। यही परेशानी की बात है। सौमित्र का इलाज कर रहे हैं डॉक्टर अरिंदम कार ने कहा है कि वह सिर्फ दो मुद्दों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने मन बनाया है कि सौमित्र को इनवेसिव सपोर्ट पर रखा जाए और साथ में प्लाज्मा थेरेपी भी दी जाए। अरिंदम बताते हैं कि सौमित्र की हालत इस समय बिल्कुल सही नहीं है। वह अचेत की मुद्रा में हैं और कई कोशिशों के बावजूद उनमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। उनकी हालत लगातार खराब ही हो रही है।
कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद सौमित्र को इस महीने की शुरुआत में ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 अक्टूबर को वह कोरोना वायरस से तो मुक्त हो गए लेकिन अब वह बढ़ती उम्र के चलते अपनी दूसरी बीमारियों से जूझ रहे हैं। सौमित्र सिनेमा में अपने काम के लिए पद्म भूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्हें फ्रांस सरकार ने लीजन ऑफ ऑनर से भी सम्मानित किया है। यह फ्रांस का सबसे बड़ा नागरिकता सम्मान है।