Nikita Roy: थिएटर ओनर तक को नहीं सोनाक्षी की फिल्म का अता-पता, क्या 'कन्नप्पा' और 'मां' से डरे मेकर्स?
Sonakshi Sinha Starrer Nikita Roy Postponed: अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की थ्रिलर फिल्म 'निकिता रॉय' अब 27 जून को रिलीज नहीं होगी। मेकर्स ने रिलीज से एक दिन पहले इसे पोस्टपोन कर दिया है। यहां जानिए क्या है इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह...
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सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'निकिता रॉय' रिलीज से एक दिन पहले टल गई। मेकर्स ने अनाउंस किया कि यह फिल्म अब 27 जून के बजाय अगले महीने 18 जुलाई को रिलीज होगी। क्या मेकर्स ने यह फैसला काजोल स्टारर 'मां' और अक्षय कुमार की फिल्म 'कन्नप्पा' से टकराव से बचने के लिया है? इस पूरे मामले पर अमर उजाला डिजिटल ने एक्सपर्ट्स से उनकी राय ली।
'ऑडियंस के बीच कोई पहचान ही नहीं'
फिल्म ‘निकिता रॉय’ के रिलीज को आगे बढ़ाने के फैसले को एग्जिबिटर विषेक चौहान ने 'समझदारी भरा फैसला' बताया है। इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे की हकीकत भी साफ-साफ रखी। विषेक चौहान ने कहा, 'देखिए, अगर एक साथ कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं तो उस भीड़ में एक छोटी फिल्म खो जाती है। इसलिए रिलीज को थोड़ा स्पेस देना समझदारी है। लेकिन सच बात तो यह है कि 'निकिता रॉय' जैसी फिल्मों की ऑडियंस के बीच कोई पहचान ही नहीं है। न कोई प्रचार दिखा, न कोई बज था। मैं खुद थिएटर ओनर हूं और पहली बार इस फिल्म के बारे में आपसे सुन रहा हूं। सोचिए, जब मुझ तक खबर नहीं पहुंची, तो आम ऑडियंस तक कैसे पहुंचेगी?'
'थिएटर रिलीज सिर्फ ओटीटी के लिए- हाजिरी लगाने जैसा होता है'
विषेक ने बताया कि इस तरह की फिल्मों को थिएटर में लाने का मकसद अक्सर ओटीटी डील्स को पक्का करना होता है। 'इस टाइप की फिल्मों को थिएटर में लगाने का मकसद सिर्फ इतना होता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ये पूछते हैं- क्या फिल्म थिएटर में लगी थी? अगर हां, तो वो खरीद लेते हैं। इसलिए मेकर्स बस 'हाजिरी' लगाने जैसा रिलीज करते हैं। वो भी बहुत लिमिटेड शोज में। इसलिए ना कोई प्रमोशन होता है, ना कोई दिलचस्पी दिखाई देती है।'
'सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म अब नॉन इवेंट बन चुकी है'
उन्होंने आगे कहा, 'इस फिल्म की बात करें तो थिएटर मालिकों के लिए ये एक 'नॉन इवेंट' है। मतलब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये फिल्म अब लगे या एक महीने बाद। सोनाक्षी सिन्हा की फिल्मों को लेकर पहले भी कोई जबरदस्त बॉक्स ऑफिस रिस्पॉन्स नहीं रहा, और अब तो और भी कम हो गया है।'
'छोटी फिल्मों के शो कैंसिल हो जाएं तो किसी को फर्क नहीं पड़ता'
जब उनसे पूछा गया कि क्या डिस्ट्रीब्यूटर या थिएटर पहले से ऐसी फिल्मों के लिए ब्लॉकिंग कर लेते हैं, तो उन्होंने बताया, 'बड़ी फिल्में अगर आखिरी वक्त पर रिलीज टालती हैं तो थिएटर मालिकों को नुकसान होता है। वो कोर्ट तक चले जाते हैं, जैसे ‘भूल चूक माफ’ के केस में हुआ था। लेकिन छोटी फिल्मों की किसी को परवाह नहीं होती। अगर हमने कोई शो दिया भी हो, तो वो एक-दो शो होंगे और किसी को इसकी कमी महसूस भी नहीं होती। न ऑडियंस को, न एक्सिबिटर्स को।'
कोमल नाहटा बोले - 'भीड़ में खोने से अच्छा है नई तारीख चुनना'
ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा ने भी मेकर्स के इस फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा, 'जब दो बड़ी फिल्में पहले से तय होती हैं - जैसे 'कनप्पा' और 'मां' तो थिएटर में स्पेस ही नहीं बचता। ऐसे में किसी भी छोटी या मिड-साइज फिल्म को स्क्रीन मिलना बहुत मुश्किल होता है। 'निकिता रॉय' के मेकर्स ने ठीक किया कि उन्होंने अब भीड़ में फंसने के बजाय एक नई तारीख चुनी।' उन्होंने आगे कहा, 'इस तरह की फिल्मों को अगर सही समय पर रिलीज किया जाए, तो उन्हें कम से कम एक मौका तो मिलता है अपनी पहचान बनाने का। वरना बड़ी फिल्मों के शोर में ये पूरी तरह गायब हो जाती हैं।‘
मेकर्स ने सोशल मीडिया पर की नई तारीख की घोषणा
मेकर्स ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म की रिलीज टलने की जानकारी शेयर की और लिखा- ‘दोस्तों! हम खुद को कई फिल्मों की रिलीज और स्क्रीन की जंग के बीच फंसा हुआ पा रहे हैं। अपने साथियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और एग्जिबिटर्स की सलाह पर हमने मिलकर यह फैसला किया है कि फिल्म की रिलीज को 18 जुलाई तक टाल दिया जाए, ताकि हम ज्यादा दर्शकों तक पहुंच सकें। अब तक फिल्म को जो प्यार मिला है, उसके लिए धन्यवाद। आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन हम वादा करते हैं कि 18 जुलाई का इंतजार करना जरूर सफल रहेगा। थिएटर में मिलते हैं।'
बता दें, फिल्म का डायरेक्शन कुश एस. सिन्हा ने किया है और इसे पवन किरपलानी ने लिखा है। फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा के साथ परेश रावल और सुहैल नय्यर भी अहम किरदारों में नजर आएंगे।