दूसरा केस: साइबर मामले में अग्रिम जमानत के लिए राज कुंद्रा ने खटखटाया बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा
- साइबर मामले में राज कुंद्रा ने खटखटाया बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा
- सेशन कोर्ट खारिज कर चुकी है जमानत याचिका
- राज कुंद्रा ने याचिका में खुद को बताया निर्दोश
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पोर्न फिल्में बनाने और उन्हें एप्स पर अपलोड करने के आरोप में जेल में बंद शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा एक के बाद एक मुश्किल में फंसते जा रहे हैं। बता दें कि राज कुंद्रा ने 2020 में साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गौरतलब है कि राज कुंद्रा मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा पोर्नोग्राफी केस में जेल में बंद हैं उन्होंने अब साइबर मामले के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि सत्र अदालत ने मंगलवार को उनकी गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज कुंद्रा ने उच्च न्यायालय से इस मामले में गिरफ्तारी से कुछ राहत की मांग की है।
बता दें कि राज कुंद्रा ने अपनी याचिका में कहा कि पिछले साल साइबर पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की थी उसमें उनका नाम शामिल नहीं था। इसके साथ ही कुंद्रा ने कहा कि उन्होंने पुलिस को अपना बयान भी दिया था और कई मौकों पर जांच में सहयोग के लिए जांचकर्ता के कार्यालय का दौरा भी किया था। कुंद्रा ने कहा कि उन्होंने अधिकारी को सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं और अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
राज कुंद्रा ने आगे सफाई देते हुए कहा कि फरवरी 2020 में उनके एक जानने वाले ने आर्म्स प्राइम मीडिया प्राइवेट लिमिटेम नाम के एक वेंचर में निवेश के लिए उनसे संपर्क किया था। इस वेंचर के बारे में बताया गया था कि ये कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और ग्राहकों के साथ बातचीत का मौका देता है। कुंद्रा ने कहा कि उन्हें लगा था कि वेंचर का कॉन्सेप्ट काफी अनोखा और बढ़िया था जिसकी वजह से उन्होंने इसमें निवेश करने का मन बनाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वो कंपनी से सिर्फ फरवरी-दिसंबर 2019 तक ही जुड़े थे। साथ ही उन्होंने कॉन्ट्रेक्ट और कंटेंट बनाने में किसी भी तरह का कोई सहयोग नहीं किया था। कुंद्रा ने कहा कि उन्होंने स्लीपिंग पार्टनर के तौर पर इसमें इनवेस्ट किया था।
राज कुंद्रा ने ये भी कहा कि कंपनी द्वारा बनाए गए एप हॉटशॉट्स का पोर्न से कोई लेना देना देना नहीं हैं और सिर्फ पुलिस उन पर आरोप लगा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन पर गलत आरोप लगाकर फंसाया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस केस को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का क्या फैसला होता है।