क्लीवेज विवाद के बाद दीपिका हुईं और सतर्क
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ऐसा लगता है कि ‘क्लीवेज विवाद’ के बाद दीपिका पादुकोण की मीडिया से नाराजगी अभी तक बरकरार है। यही कारण है कि इन दिनों वह एक तो उस विवाद पर कोई सवाल करने पर कन्नी काट रही हैं। दूसरे अगर कोई उनसे इशारों-इशारों में ‘ग्लैमर’ की भी बात कर देता है तो वह उल्टे उससे सवाल करने लगती हैं।
ऐसा ही हाल में हुआ, जब मुंबई में एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या आप कभी ‘सिर्फ ग्लैमरस रोल’ के लिए कोई फिल्म करेंगी। यह सुनते ही दीपिका ने तुनक कर पूछा कि ऐसा कह कर आप क्या जानना चाह रहे हैं? जब उनसे कहा गया कि कई हीरोइनें ऐसे रोल करती हैं जिनका फिल्म में कोई विशेष महत्व नहीं होता।
शो पीस की बात नहीं है?
वह सिर्फ इसलिए पर्दे पर होती हैं कि भड़कीले कपड़े पहनकर और मेक-अप करके हीरो के साथ दिखाई देती रहें। वे ‘शो पीस’ बन कर रह जाती हैं। तब दीपिका ने कहा कि आप लोगों को लगता है कि हीरोइनों का काम बड़ा मजे का होता है।
परंतु हकीकत यह है कि हीरोइन बनना बिल्कुल भी आसान नहीं है। हीरोइन बनना और बने रहना बहुत कठिन है। दिखने में भले ही यह चमकदमक से भरा काम नजर आए, लेकिन सच्चाई ऐसी नहीं है।
दे दिया लंबा लेक्चर
दीपिका ने इसके बाद वहां मौजूद मीडिया को लंबा लेक्चर दिया। उन्होंने कहा, ‘दूसरी हीरोइनें कैसे रोल करती हैं इस पर मैं कोई कमेंट नहीं कर कर सकती, परंतु जहां तक मेरी बात है तो मैंने हमेशा ऐसे रोल किए जो मानीखेज हों।’ उन्होंने खुद अपनी तारीफ के कसीदे पढ़ते हुए कहा कि अगर आप मेरी फ्लॉप फिल्मों को भी उठा कर देखेंगे तो उसमें मेरे रोल शानदार थे।
ब्रेक के बाद, खेले हम जी जान से और लफंगे परिंदे का नाम लेते हुए दीपिका ने कहा कि अगर इन फिल्मों में आपको मेरे किरदार याद नहीं हैं तो सिर्फ इसलिए कि ये बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं। इन सबमें मेरे रोल बहुत ही विशेष थे। मतलब यही कि लोग आपके किरदारों को भूलें नहीं इसलिए जरूरी है कि आपकी फिल्म चले। वाकई, दीपिका की बातों में अब अनुभव झलकने लगा है।