दुखद: कन्नड़ गायक शिवमोग्गा सुब्बाना का दिल का दौरा पड़ने से निधन, 83 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
प्रसिद्ध कन्नड़ गायक शिवमोग्गा सुब्बाना का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वह कन्नड़ भाषा के पहले गायक थे, जिन्हें पार्श्व गायन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था।
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राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध कन्नड़ गायक शिवमोग्गा सुब्बाना का गुरुवार रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। इस बात की जानकारी गायक के परिवार के करीबी सूत्रों ने दी है। सूत्र के अनुसार गायक शिवमोग्गा सुब्बाना शहर के जयदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।
वकील भी रहे हैं शिवमोग्गा सुब्बाना
शिवमोग्गा सुब्बाना कन्नड़ भाषा के पहले गायक थे, जिन्होंने पार्श्व गायन के लिए 1978 में राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। उन्हें यह सम्मान फिल्म ‘काडू कुडुरे’ में गीत ‘काडू कुडुरे ओडी बानडिट्टा’ के लिए मिला था। सुगमा को कन्नड़ संगीता क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। संगीत के क्षेत्र में आने से पहले वह उन्होंने एक वकील के रूप में काम किया था। वहीं, वह आकाशवाणी और दूरदर्शन के गायक भी रहे हैं।
इन पुरस्कारों से हुए सम्मानित
शिवमोग्गा सुब्बाना ने प्रसिद्ध कन्नड़ कवियों कुवेम्पु (केवी पुट्टप्पा), केएस नरसिम्हा स्वामी, दा रा बेंद्रे और अन्य की कविताओं के लिए राग कंपोज किया था और उसे आम जनता तक पहुंचाया था। 14 दिसंबर 1938 को जन्मे सुबन्ना को कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया है। 1978 में उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके बाद 2006 में कन्नड़ कम्पू पुरस्कार, 2008 में कुवेम्पु विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट और 2009 में सुंदर श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।