क्या यह करीना का कुछ अजीब फैसला नहीं है?
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पहले महिला-प्रधान फिल्में कर चुकीं करीना कपूर का कहना है कि यह जरूरी नहीं कि बाकी अभिनेत्रियां अगर किसी के जीवन पर आधारित या महिला केंद्रित फिल्में कर रही हैं तो वह भी करें।
यह कहना गलत नहीं होगा कि यह साल महिला केंद्रित फिल्मों के नाम रहा। फिर चाहे यह कंगना रनोत की 'क्वीन', आलिया भट्ट की 'हाईवे', रानी मुखर्जी की 'मर्दानी' हो या फिर प्रियंका चोपड़ा की 'मेरी कॉम'।
अपनी उम्र में कर चुकी हूं ये
इस बारे में जब करीना से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मैंने महिला-केंद्रित फिल्में की हैं। मैंने 22 साल की उम्र में 'चमेली' की, फिर 'जब वी मेट' की और उसके बाद 'हीरोइन' की।"
34 वर्षीया करीना ने एक कार्यक्रम में कहा, "मैं एक फिल्म सिर्फ कहानी पसंद आने पर ही करूंगी। मैं उसे सिर्फ इसलिए नहीं करूंगी, क्योंकि बाकी भी ऐसी फिल्में कर रहे हैं। मैं इस तरह काम नहीं करती।" आपको मालूम ही होगा कि शादी के बाद करीना कपूर ने जो भी भूमिकाएं की हैं उस पर उन्हें तारीफ नहीं मिली है।