फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   nana patekar talhs about cricket

'उनके हाथ में बल्ला नहीं छुरा होता था'

Tue, 17 Feb 2015 01:48 PM IST
सुप्रिया सोगले /बीबीसी हिंदी डॉट कॉम,मुंबई
सुप्रिया सोगले /बीबीसी हिंदी डॉट कॉम,मुंबई Updated Tue, 17 Feb 2015 01:48 PM IST
विज्ञापन
nana patekar talhs about cricket

'मुझे तो मैच शुरू होने से पहले ही पता चल गया था कि भारत ये मैच जीतेगा। बस इंतज़ार था तो इसका कि कितने रन से।" यह कहना है बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच के बारे में।

विज्ञापन


फिल्म 'प्रहार' और 'अब तक छप्पन' जैसी फ़िल्मों में काम करने वाले नाना पाटेकर क्रिकेट में खासी रुचि रखते हैं। विश्व कप क्रिकेट के मौके पर बीबीसी के साथ नाना पाटेकर ने क्रिकेट को लेकर अपनी कुछ यादें साझा कीं।
विज्ञापन


आज भी कर सकते हैं बेहतरीन बॉउलिंग

nana patekar talhs about cricket

नाना बताते हैं कि वह जब 13 साल के थे, तो मुंबई के मशहूर शिवाजी स्टेडियम में क्रिकेट खेलने जाते थे। "मैं जब खेलता था तो संदीप पाटिल जो अभी भारतीय क्रिकेट चयन समिति के अध्यक्ष हैं, बहुत छोटे थे और हमारे सामने खेलते थे।

सुनील गावस्कर जो मुझसे केवल सात-आठ महीने बड़े थे वहां खेला करते था।"पर फिर ऐसा क्या हुआ कि नाना ने एकदम क्रिकेट त्याग दिया और फ़िल्मी दुनिया में आ गए?

इस पर नाना कहते हैं, "मुझे आर्ट्स स्कूल में ही जाना था और फिर मेरी ऊँगली में कुछ लग गया जिसकी वजह से मुझे क्रिकेट छोड़ना पड़ा।

"उन्होंने आगे कहा, "मुझे मां-बाप की सेवा करनी थी और नौकरी करनी थी तो यह सब सोचकर मैंने क्रिकेट छोड़ दिया।"पर नाना का मानना है कि अगर वे चाहें तो आज भी वह बेहतरीन बॉउलिंग कर सकते हैं।

ताजा की क्रिकेट से जुड़ी अपनी यादें

nana patekar talhs about cricket

नाना पाटेकर ने बताया, "मुझे एक ही मैच याद है जब साल 1998 में सचिन ने शारजाह में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शतकीय पारी खेली थी, जिसमें भारत की जीत हुई थी।"

नाना को सचिन तेंदुलकर तो पसंद हैं ही लेकिन सचिन के अलावा नाना को एक और खिलाड़ी बहुत पसंद है और वह हैं विवयन रिचर्ड्स।

"विवयन जिस तरह खेलते थे, मुझे लगता था कि इस इंसान को कोई आउट नहीं कर सकता। उसके हाथ में बल्ला नहीं बल्कि छुरा होता था और वह सबको काट दिया करता था।

कहीं से भी, किधर से भी और कैसे भी मारता था।"नाना ने हंसते-हंसते कहा कि अगर मेरी उंगली में चोट नहीं लगती तो भारत को एक अच्छा बॉउलर मिल जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed