Bharti Singh: टॉयलेट साफ करती थीं मां, जूठन खाकर मिटाई भूख, कॉमेडियन भारती ने सुनाई अपनी दास्तां
लाफ्टर क्वीन के नाम से मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह आज भले ही एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का एक पॉपुलर नाम हैं, लेकिन एक वक्त था, जब वह बहुत गरीब हुआ करती थीं। ऐसा वक्त था, जब लोगों के दिए जूठन से भारती और उनका परिवार पेट भरता था।
विस्तार
लाफ्टर क्वीन के नाम से मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह आज भले ही एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का एक पॉपुलर नाम हैं, लेकिन एक वक्त था, जब वह बहुत गरीब हुआ करती थीं। वह आज एक शानदार जिंदगी जी रही हैं और खूब मोटी कमाई भी कर रही हैं। लेकिन कभी भारती सिंह और उनके परिवार ने बहुत ही गरीबी झेली। ऐसे दिन देखे जब मां गुजारे के लिए टॉयलेट साफ करतीं और परिवार लोगों की जूठन से पेट भरता था। भारती सिंह ने पहले भी एक बार बताया था कि उनका बचपन किस कदर गरीबी में गुजरा। इसी क्रम में अभिनेत्री नीना गुप्ता के डिजिटल पॉडकास्ट शो में भारती एक बार फिर अपनी गरीबी का दर्द बयां कर भावुक हो गईं।
भारती अपने बचपन के दिन याद करते हुए बताती है, कि वह महज 2 साल की थी, जब उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। भाई-बहन भी एक कंबल की फैक्ट्री में कंबल सिलने का काम करते थे। मां घर-घर में जाकर काम करती थीं। उस वक्त इतनी गरीबी थी कि जब उनकी मां घर-घर में काम करके बचा हुआ खाना लाती थीं तो वह उनके लिए फ्रेश खाना होता था।
भारती सिंह आगे कहती है, 'आप सोच भी नहीं सकते कि मैंने किस हद तक की गरीबी देखी है। अगर मैं किसी को आधा सेब खाकर फेंकते हुए देखती थी तो सोचती थी कि उसे शाप लगेगा क्योंकि उसने खाना बर्बाद किया है। मैं कभी-कभी उस फेंके गए आधे सेब को उठाकर खाने के बारे में भी सोचती थी। जब मेरी मम्मी लोगों के घरों में काम करती थीं तो मैं दरवाजे के पास बैठ जाती थी। वह टॉयलेट साफ किया करतीं। जब हम वहां से जाते तो लोग हमें बचा हुआ खाना दे देते। आज मैं मम्मी से कहती हूं कि मैंने जो कुछ भी किया है और जो कुछ भी कमाया है वो सब आपकी वजह से है'।
यह भी पढ़ें: एम एम कीरावनी को मिला 'ऑस्कर' से बड़ा सम्मान, भावुक कंपोजर के छलके आंसू