Motilal Rajvansh: सिनेमा के पहले नेचुरल एक्टर रहे मोतीलाल राजवंश, महात्मा गांधी भी हुए इनके अभिनय के मुरीद
Motilal Rajvansh Birth Anniversary: आज मोतीलाल राजवंश की बर्थ एनिवर्सरी है। उन्हें हिंदी सिनेमा का पहला नेचुरल कलाकार कहा गया। आइए जानते हैं उनके बारे में...
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अभिनेता मोतीलाल राजवंश की आज बर्थ एनिवर्सरी है। उन्हें हिंदी सिनेमा का पहला नेचुरल एक्टर माना गया। मोतीलाल रईस खानदान से ताल्लुक रखते थे। वे घुड़सवारी के शौकीन थे। साथ ही वे तूफानी गति से विमान उड़ाने का शौक रखने वाले लाइसेंसधारी पायलट भी थे। अभिनय के मामले में भी उनका मुकाबला नहीं था, उनकी अदाकारी की तारीफ महात्मा गांधी ने भी की। आइए जानते हैं उनके बारे में...
इस तरह हुई सिनेमा में एंट्री
मोतीलाल का जन्म 4 दिसंबर 1910 को शिमला में हुआ। वहीं, से उन्होंने स्कूली शिक्षा ली। फिर दिल्ली से कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे नेवी जॉइन करने के लिए मुंबई आ गए। हालांकि, बीमार होने की वजह से वे टेस्ट नहीं दे सके। यहां तक फिल्मों में आने का उनका कोई इरादा नहीं था। मुंबई में रहते हुए एक दिन मोतीलाल सागर स्टूडियो में शूट हो रही फिल्म की शूटिंग देखने गए। इसके निर्देशक थे केपी घोष। वे मोतीलाल के व्यक्तित्व से इतने प्रभावित हुए कि सीधे फिल्म का प्रस्ताव दे दिया। इस तरह महज 24 साल की उम्र में मोतीलाल ने 'शहर का जादू' साइन की। इसके बाद कई फिल्मों में वे नजर आए।
महात्मा गांधी ने की अभिनय की तारीफ
मोतीलाल राजवंश सिल्वर किंग, डॉक्टर मधुरिका, दो घड़ी की मौज, लग्न बंधन, जीवन लता, दो दीवाने, दिलावर, कोकिला, कुलवधू, जागीरदार जैसी फिल्मों में नजर आए। साल 1940 में आई फिल्म 'अछूत' में मोतीलाल ने एक अछूत व्यक्ति का किरदार अदा किया। इस फिल्म में उन्होंने इतना शानदार अभिनय किया कि महात्मा गांधी और वल्लभभाई पटेल ने उनकी तारीफ की। मोतीलाल हर किरदार नेचुरल अंदाज में अदा करते थे, उनकी यही खूबी उन्हें अलग बनाती थी। मोतीलाल राजवंश संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते थे। वे रईस खानदान से थे। उनका लाइफस्टाइल भी रईसों वाला था।
शोभना समर्थ के साथ रहीं नजदीकियां
शोभना समर्थ से मोतीलाल की मुलाकात सागर फिल्म कंपनी की फिल्मों में काम करते हुए हुई थी। दोनों एक फिल्म की शूटिंग के दौरान मिले थे। जल्द ही दोनों अच्छे दोस्त बन गए। शोभना उस जमाने की दिग्गज अभिनेत्री थीं। मोतीलाल राजवंश की निजी जिंदगी की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि अपने दौर की दिग्गज अदाकार शोभना समर्थ के साथ उनकी नजदीकियां रहीं। शोभना समर्थ की शादी कुमारसेन समर्थ से हुई। हालांकि, एक मोड़ पर आकर उनके रिश्तों में कुछ तनाव आया, तब मोतीलाल राजवंश के साथ शोभना समर्थ की नजदीकियां बढ़ीं। शोभना समर्थ एक्ट्रेस तनुजा-नूतन की मां और काजोल-तनीषा की नानी थीं।
इस फिल्म में निभाया नूतन के पिता का रोल
रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीलाल के प्यार के प्रस्ताव में शोभना की कोई दिलचस्पी न थी। वे मुंबई छोड़ खंडाला शिफ्ट हो गईं। तब मोतीलाल ने अपने प्यार के इजहार का अनूठा तरीका निकाला। उन्होंने किराए पर विमान लिया और शोभना समर्थ की छत के अनगिनत चक्कर काटे और छत पर खूब पत्थर बरसाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीलाल ने शोभना की छत पर जो पत्थर फेंके उनके साथ प्रेमपत्र भी भेजे। अभिनेत्री के घर की खिड़की का शीशा तोड़कर उन्हें 'आई लव यू' कहा। शोभना समर्थ ने अपनी बेटी नूतन को जब फिल्मों में उतारा तो मोतीलाल ने उनकी पहली फिल्म में उनके पिता की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म का नाम है 'हमारी बेटी'।