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Master Vinayak: 87 साल पहले बोल्ड सीन फिल्माकर मचा दिया तहलका, लता मंगेशकर को भी दिया फिल्म में पहला मौका

Sun, 19 Jan 2025 07:00 AM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मोहम्मद फायक अंसारी Updated Sun, 19 Jan 2025 07:00 AM IST
सार

Master Vinayak: मास्टर विनायक के जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनसे जुड़ी खास बातें...
 

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Master Vinayak Birth Anniversary Know Lesser Known Facts career and Life Story
मास्टर विनायक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

19 जनवरी 1906 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में जन्मे मास्टर विनायक (विनायक दामोदर कर्नाटकी) भारतीय सिनेमा के ऐसे अभिनेता और निर्देशक थे, जिन्होंने 1930 और 1940 के दशकों में सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी मित्रता महान गायक दीनानाथ मंगेशकर से गहरी थी। आइए उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें...
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बोल्ड सीन की खूब हुई चर्चा
मास्टर विनायक की फिल्म ब्रह्मचारी (1938) भारतीय सिनेमा की एक महत्वपूर्ण फिल्म मानी जाती है। इस फिल्म में मुख्य नायिका मीनाक्षी शिरोडकर को स्विमिंग सूट में दिखाया गया था, जो उस दौर के हिसाब से काफी विवादास्पद बात थी। फिल्म के इस दृश्य को लेकर दर्शक और समाज में काफी चर्चा और आलोचना हुई थी। इस फिल्म ने सिनेमा की सीमाओं को चुनौती दी और दर्शकों के सोचने का तरीका बदल दिया।
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लता मंगेश्कर को फिल्म में दिया पहला मौका
लता मंगेशकर को सिनेमा में पहला मौका देने वाले मास्टर विनायक ही थे। मराठी फिल्म पहिली मंगलागौर (1942) में उन्होंने लता को बड़ा ब्रेक दिया। इस फिल्म में लता ने गाना गाने के साथ अभिनय भी किया था, जो उनके करियर की शुरुआत थी। इसके अलावा 1945 की फिल्म बड़ी मां के लिए भी लता मंगेशकर ने गाना गाया था। यह फिल्म भी मास्टर विनायक के निर्देशन में बनी थी। 
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बेटी नंदा को देते थे लड़के का किरदार
मास्टर विनायक का नाटकों के प्रति गहरा प्रेम था। वह अपने नाटकों में बड़े जुनून के साथ काम करते थे और अक्सर अपनी बेटी नंदा से कहा करते थे, "तुम्हें आकर बड़ा नाम करना होगा।" नंदा को वह नाटकों में लड़के का किरदार दिया करते थे, जिस पर नंदा हैरान होकर कहतीं, "आप ऐसा क्यों कर रहे हैं? मुझे अभिनय नहीं करना है।" लेकिन मास्टर विनायक का विश्वास उनके भीतर था कि वह एक दिन अभिनय की दुनिया में बड़ा नाम हासिल करेंगी।


चाइल्ट आर्टिस्ट के रूप में नंदा ने की थी शुरुआत
मास्टर विनायक की बहुत छोटी सी फिल्मी यात्रा रही, लेकिन उन्होंने अपनी कला और मेहनत से भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाने में कामयाब रहे। जब उन्होंने बहुत कम उम्र में इस दुनिया से अलविदा कहा, तब उनकी बेटी नंदा को चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करना पड़ा। बाद में, नंदा ने अभिनय की दुनिया में अपना नाम स्थापित किया और बॉलीवुड में एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री के रूप में जानी गईं। फिल्म मंदिर (1948) में नंदा ने लता मंगेशकर के छोटे भाई का किरदार निभाया था।
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