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संजय दत्त की रिहाई को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने दायर किया हलफनामा
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Mon, 17 Jul 2017 07:10 PM IST
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संजय दत्त
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महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अभिनेता संजय दत्त को समय से पहले रिहा करने को लेकर हलफनामा दायर कर अपना जवाब दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया था।
12 जून को हुई सुनवाई में कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा था कि जब संजय दत्त अपनी कैद के आधे समय तक पैरोल पर बाहर ही रहे ऐसे में उन्हें जल्दी रिहा कैसे किया जा सकता है। कोर्ट ने ये भी पूछा था कि सरकार को अपने इस फैसले पर सफाई देनी होगी कि संजय को आठ महीने पहले जेल से कैसे रिहा किया गया जबकि वो ज्यादातर समय पैरोल पर रहे थे।
कोर्ट ने ये आदेश पुणे के रहने वाले प्रदीप भालेकर की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। प्रदीप ने उनकी जल्दी रिहाई पर तो सवाल किए ही, साथ में उन्हें लगातार पैरोल मिलने पर भी निशाना साधा है। इस पर कोर्ट ने कहा, संजय दत्त ज्यादातर समय पैरोल पर थे ऐसे में जेल आधिकारियों ने कैसे फैसला कर लिया कि उनका व्यवहार अच्छा था।
बता दें कि संजय दत्त को 1993 के सीरियल ब्लास्ट केस में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। संजय दत्त ने 2013 में सरेंडर कर दिया था। उनके अच्छे व्यवहार को देखते हुए पुणे की यरवदा जेल से तय समय से आठ महीने पहले ही फरवरी 2016 में जमानत दे दी गई थी।
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12 जून को हुई सुनवाई में कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा था कि जब संजय दत्त अपनी कैद के आधे समय तक पैरोल पर बाहर ही रहे ऐसे में उन्हें जल्दी रिहा कैसे किया जा सकता है। कोर्ट ने ये भी पूछा था कि सरकार को अपने इस फैसले पर सफाई देनी होगी कि संजय को आठ महीने पहले जेल से कैसे रिहा किया गया जबकि वो ज्यादातर समय पैरोल पर रहे थे।
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Maharashtra state govt presented an affidavit at Bombay High Court justifying its decision of early release of Sanjay Dutt.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) July 17, 2017
कोर्ट ने ये आदेश पुणे के रहने वाले प्रदीप भालेकर की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए। प्रदीप ने उनकी जल्दी रिहाई पर तो सवाल किए ही, साथ में उन्हें लगातार पैरोल मिलने पर भी निशाना साधा है। इस पर कोर्ट ने कहा, संजय दत्त ज्यादातर समय पैरोल पर थे ऐसे में जेल आधिकारियों ने कैसे फैसला कर लिया कि उनका व्यवहार अच्छा था।
बता दें कि संजय दत्त को 1993 के सीरियल ब्लास्ट केस में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। संजय दत्त ने 2013 में सरेंडर कर दिया था। उनके अच्छे व्यवहार को देखते हुए पुणे की यरवदा जेल से तय समय से आठ महीने पहले ही फरवरी 2016 में जमानत दे दी गई थी।