{"_id":"c875cd4687d6e74ae137a5627286eea2","slug":"know-the-story-of-6-5-2-hindi-news-rm","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यह फिल्म बताएगी कैसे हो सकता है 6-5=2?","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
यह फिल्म बताएगी कैसे हो सकता है 6-5=2?
Updated Wed, 12 Nov 2014 12:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तमिल और तेलुगु फिल्मों का बॉलीवुड में रीमेक हो रहा है, परंतु इस शुक्रवार को कन्नड़ फिल्म 6-5=2 रीमेक होकर हिंदी में आ रही है। नाम से चौंकाने वाली यह ‘भुतहा फिल्म’ है और पिछले साल इसने कर्नाटक में तीन करोड़ रुपये का कारोबार किया था। जबकि यह मात्र 30 लाख रुपये में बनी थी...
विज्ञापन
गणित में जोड़ना-घटना पहली-दूसरी कक्षा में ही सिखा दिया जाता है। ऐसे में कोई बच्चा भी बता सकता है कि 6-5 बराबर कितना होगा। परंतु इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में आने को तैयार निर्माता-निर्देशक भरत जैन की फिल्म का टाइटल है 6-5=2। यह एक हॉरर फिल्म है।
विज्ञापन
इसी टाइटल से कन्नड़ में यह फिल्म पिछले साल बनी थी। मात्र 30 लाख रुपये के बजट वाली इस फिल्म ने कर्नाटक में कामयाबी के झंडे गाड़े थे और तीन करोड़ रुपये कमाए थे। फिल्म के निर्देशक थे, केएस अशोका। फिल्म की डीवीडी भी मार्केट में हॉट केक की तरह बिकी थीं। अब जैन ने इसी नाम से फिल्म का हिंदी में रीमेक किया है।
विज्ञापन
एक तरह से भुतहा फिल्म है यह
असल में 6-5=2 आम हॉरर फिल्म नहीं है। यह फिल्मों में भुतहा कहानियों को कहने का एक नया ढंग सामने लेकर आ रही है, जिसे ‘फाउंड फुटेज जॉनर’ कहते हैं। यानी ऐसी फिल्म जिसमें कहानी पहले से किसी वीडियो में रिकॉर्ड हुई पड़ी हो। भरत जैन की फिल्म में छह दोस्तों की कहानी है जो एक पहाड़ी जंगल में घूमने के लिए गए हैं।
जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां भूत रहते हैं। जैन ने अपनी फिल्म में सभी नए चेहरे लिए हैं। निहारिका रायजादा, प्रशांत गुप्ता, अश्रुत जैन, गौरव पसवाल, गौरव कोठारी और दिशा कपूर। ये लोग अपनी यात्रा को कैमरे में कैद कर रहे हैं।
6-5=2 हिंदी में बनी पहली फाउंड फुटेज जॉनर फिल्म बताई जा रही है। जिसके पोस्टर पर लिखा गया है कि इसे स्वर्गीय सिद्धार्थ ने शूट किया था और अब इसे संपादित करके पर्दे पर पेश किया जा रहा है। इस कहानी के छह किरदारों में से जंगल में तीन की मौत हो जाती है और दो गायब हो जाते हैं। सिर्फ एक बच कर लौट पाता है। ऐसें में 6-5=2 कैसे होगा? जैन कहते हैं, ‘यही रोचक बात है, जो आपको फिल्म देखने पर पता चलेगी।’
हॉलीवुड में इस तरह की फिल्मों का चलन कुछ साल पहले शुरू हुआ है। पैरानॉरमल एक्टिविटी और द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट समेत कई ऐसी फिल्में वहां बनी और कामयाब रही हैं। जैन बीते तीन दशक से फिल्म वितरण के काम में लगे हैं, लेकिन कन्नड़ में बनी 6-5=2 देखने के बाद निर्देशक बनने की इच्छा हुई।
क्यों...? वह कहते हैं, ‘साल 2001 में मैं भी ऐसी एक यात्रा पर गया था। हम 10 दोस्त थे और पहाड़ी जंगलों में घूम रहे थे। तभी वहां अजीबोगरीब घटनाओं से हमारा सामना हुआ। हम आठ दोस्त ही लौट सके। मेरे दो दोस्त आज भी लापता हैं।’ उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड में तमिल और तेगुलु फिल्मों का रीमेक होता रहा है, परंतु किसी ने संभवतः पहली बार कन्नड़ फिल्म का हिंदी में रीमेक किया है।
जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां भूत रहते हैं। जैन ने अपनी फिल्म में सभी नए चेहरे लिए हैं। निहारिका रायजादा, प्रशांत गुप्ता, अश्रुत जैन, गौरव पसवाल, गौरव कोठारी और दिशा कपूर। ये लोग अपनी यात्रा को कैमरे में कैद कर रहे हैं।
6-5=2 हिंदी में बनी पहली फाउंड फुटेज जॉनर फिल्म बताई जा रही है। जिसके पोस्टर पर लिखा गया है कि इसे स्वर्गीय सिद्धार्थ ने शूट किया था और अब इसे संपादित करके पर्दे पर पेश किया जा रहा है। इस कहानी के छह किरदारों में से जंगल में तीन की मौत हो जाती है और दो गायब हो जाते हैं। सिर्फ एक बच कर लौट पाता है। ऐसें में 6-5=2 कैसे होगा? जैन कहते हैं, ‘यही रोचक बात है, जो आपको फिल्म देखने पर पता चलेगी।’
हॉलीवुड में इस तरह की फिल्मों का चलन कुछ साल पहले शुरू हुआ है। पैरानॉरमल एक्टिविटी और द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट समेत कई ऐसी फिल्में वहां बनी और कामयाब रही हैं। जैन बीते तीन दशक से फिल्म वितरण के काम में लगे हैं, लेकिन कन्नड़ में बनी 6-5=2 देखने के बाद निर्देशक बनने की इच्छा हुई।
क्यों...? वह कहते हैं, ‘साल 2001 में मैं भी ऐसी एक यात्रा पर गया था। हम 10 दोस्त थे और पहाड़ी जंगलों में घूम रहे थे। तभी वहां अजीबोगरीब घटनाओं से हमारा सामना हुआ। हम आठ दोस्त ही लौट सके। मेरे दो दोस्त आज भी लापता हैं।’ उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड में तमिल और तेगुलु फिल्मों का रीमेक होता रहा है, परंतु किसी ने संभवतः पहली बार कन्नड़ फिल्म का हिंदी में रीमेक किया है।