तो मौत के मुंह से बचकर आए थे ऋतिक
बैंगबैंग की शूटिंग के पहले ऋतिक रोशन को ब्रेन इंजरी हुई थी। ऋतिक कहते हैं कि अपनी इस चोट के आठ घंटे बाद उड़ान भरनी थी। एक्शन सीक्वेंस करने थे। मुझे अपने हाथों का शरीर से संबंध ही महसूस नहीं हो रहा था। मेरी हैंडराइटिंग बदल गई थी। मैंने तुरंत डॉक्टर को कॉल किया और स्कैन करवाया। मेरे दिमाग के बाएं हिस्से में खून भर गया था। ब्रेन दाईं तरफ खिसक गया था।’
मैने डॉक्टर से कहा कि उन्हें आठ घंटे में फ्लाइट लेनी है। डॉक्टर बोले कि यदि अभी उड़ान भरोगे तो अपनी जान से हाथ धो दोगे। ब्लड को दिमाग से बाहर तो निकलने दो।’ ऋतिक ने कहा कि मैने फिर इस बारे में रिसर्च की और कई डाक्टरों से राय ली। ऋतिक ने कहा कि वे ऑपरेशन थियेटर में नर्स के साथ गाने गा रहे थे। सहज हो रहे थे। मगर जब देखा कि "सिर से खून का फव्वारा निकल रहा है... तो गाना-वाना सब रुक गया।'
तो ये थी ऋतिक की बीमारी
अमर उजाला के साथ हुए एक इंटरव्यू में ऋतिक बताते हैं कि "मेरे सिर में दर्द रहता था, जो धीरे-धीरे काफी बढ़ गया था। मैं उस वक्त बोल नहीं पाता था। खुद की आवाज ऐसी लगती थी कि जैसे कोई सिर पर मार रहा है। कमरे में अगर शांति हो तो वह भी दिमाग को बहुत भारी लगती थी। कोई मुझसे बात करता तो मैं उसकी बात समझ नहीं पाता था। कोई प्रेशर मैं सहन नहीं सकता था। भावनात्मक रूप से भी वह दौर मेरे लिए कठिन था।
लेकिन न मैं रो सकता था, न हंस सकता था। किसी को बता भी नहीं सकता था। लगता था कि भगवान ने मुझे एक बक्से में बंद कर दिया है। शायद मैंने कुछ किया होगा, जिस कारण मुझे सजा मिली। लेकिन भगवान से मैंने कोई सवाल नहीं किया। मैंने उस दौर में समझा कि जिंदगी से आसान होने की उम्मीद करना बेमानी है। यह ठीक वैसे है कि शेर आपके सामने हो और आप कहें कि भैया मैं तो शाकाहारी हूं, आप मुझे मत खाओ।"