फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Khuda Hafiz team revisits making of film with Pankaj Shukla faruk kabir discloses origin of an idea

भारत को समझने के लिए सड़कों पर 27 हजार किमी घूमा ये फिल्म निर्देशक, हर बार अखबार से मिली नई कहानी

Thu, 13 Aug 2020 01:31 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Thu, 13 Aug 2020 01:31 PM IST
विज्ञापन
Khuda Hafiz team revisits making of film with Pankaj Shukla faruk kabir discloses origin of an idea
फारुक कबीर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कोरोना संक्रमण काल में हिंदी फिल्मों को सीधे ओटीटी पर रिलीज करने के क्रम में अगली फिल्म विद्युत जामवाल की फिल्म ‘खुदा हाफिज’ है। अखबार की एक खबर से निकली इस फिल्म के लिए इसके निर्देशक फारुक कबीर ने काफी रिसर्च की है, उनकी पिछली फिल्म ‘अल्लाह के बंदे’ की प्रेरणा भी उन्हें अखबार में छपी एक खबर से ही मिली थी। ‘खुदा हाफिज’ की टीम ने अमर उजाला के साथ एक वीडियो मुलाकात भी की।

विज्ञापन


‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में फारुक कबीर शुरू में ही ये कहकर चौंका देते हैं, ‘मेरी अगली फिल्म भी अखबार की एक कटिंग से ही निकली है।’ मशहूर अभिनेता मुराद के नाती (बेटी के बेटे) फारुख कबीर को पढ़ने का बहुत शौक है, खासतौर से रोज का अखबार। वह कहते हैं, ‘अखबार मेरे लिए एडिक्शन जैसा है। हाथ में सुबह अखबार न आए तो दिन खाली खाली लगता है। कोरोना के दौरान मुंबई में लंबे अरसे तक अखबार घर नहीं पहुंच पाए तो बड़ा खाली खाली सा फील होता रहा।’

विज्ञापन

Khuda Hafiz team revisits making of film with Pankaj Shukla faruk kabir discloses origin of an idea
फारुक कबीर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

फारुक का उत्तर प्रदेश से करीबी नाता रहा है। उनके नाना मुराद रामपुर के रहने वाले थे। वह बताते हैं, ‘रामपुर मेरा बहुत आना जाना रहा है। वहां की रजा लाइब्रेरी दुनिया की सबसे मशहूर लाइब्रेरीज में से एक है। ज्ञान का अथाह भंडार है ये। मुझे लगता है पढ़ने का शौक मुझे अपने ननिहाल से ही आया।’

पूरे देश की 27 हजार किमी की यात्रा कर चुके फारुक कबीर कहते हैं, ‘अखबार के अलावा जिस दूसरी चीज ने मुझे जिंदगी में बहुत कुछ सिखाया है, वह है मेरी यात्राएं। मैंने अपनी एक सीरीज के लिए पूरा देश घूमा है। गांवों में लोगों से मिला हूं। सड़कों के किनारे ढाबों पर खाना खाया है और खुले आसमान के नीचे सोया हूं। यहां भी अखबार ने मुझसे दोस्ती निभाई। देश का हर रंग उस इलाके के अखबार अपने में संजोए रहते हैं। किसी क्षेत्र को मुझे जानना होता है तो वहां जाने से पहले मैं वहां के अखबार पढ़ने शुरू कर देता हूं।’

Khuda Hafiz team revisits making of film with Pankaj Shukla faruk kabir discloses origin of an idea
फारुक कबीर - फोटो : सोशल मीडिया

फारुक कबीर की फिल्म ‘खुदा हाफिज’ सीधे ओटीटी पर रिलीज हो रही है, लेकिन इसका फारुक को कोई गिला नहीं है। वह कहते हैं, ‘जिस तरह का माहौल इन दिनों देश दुनिया में है, उसके चलते सिनेमाघरों तक लोगों के आने में अभी काफी समय लगेगा। तब तक हमें ये फिल्में घर पर बैठकर ही देखने की आदत डालनी होगी। ये सच है कि फिल्म के एक्शन सीन बड़े परदे के हिसाब से ही डिजाइन किए गए हैं, लेकिन इसका आनंद लोग घर में भी अच्छे से उठा सकेंगे, ऐसा मेरा और विद्युत जामवाल दोनों का वादा है।’

फोन पर हुई इस बातचीत के बाद फारुक कबीर ने अपनी फिल्म के हीरो विद्युत जामवाल और हीरोइन शिवालिका ओबेरॉय को साथ लेकर अमर उजाला के साथ एक खास वीडियो मुलाकात भी की। ये पूरी बातचीत आप यहां नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed