वेश्या, डायन, मनोरोगी कहे जाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता:कंगना रनौत
- कंगना ने कहा ''सफल महिलाओं को मनोरोगी कह देते हैं लोग''।
- ''मेरी सफलता ही मेरा बदला है।''
- मैंने पर्दे पर वेश्या का किरदार निभाया है, इसलिए मुझे उसमें बुराई नहीं लगतीं।''
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कंगना और रितिक रोशन के बीच काफी लंबे वक्त से कानूनी लड़ाई चल रही है। दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बहती गंगा में हाथ धोते हुए कंगना के पूर्व प्रेमी अध्ययन सुमन भी कंगना को कोसने से बाज नहीं आ रहे। लेकिन कंगना ने इन सब का मुंह तोड़ जवाब दिया है।
कंगना ने टीवी चैनल एनडीटीवी को दिए खास इंटरव्यू दिया में खुद पर लगाए गए कई इल्जामों का जवाब दिया।
'सफल महिला को मनोरोगी कह दिया जाता है'
कंगना ने साफ किया कि वे खुद को खुश करने के लिए काम करती हैं न कि दूसरों की खुश करने के लिए। उनका कहना था कि महिलाएं कई अरसों से खुद का बचाव करती आ रही हैं, ये कोई नई बात नहीं है।
कंगना से जब पूछा गया कि उन्हें कैसा लगता है जब लोग उन्हें डायन या वेश्या तक कह देते हैं, तो उन्होंने बेझिझक जवाब दिया।
'मुझे वेश्या कहलाने में शर्म महसूस नहीं होती'
खुद को डायन, वेश्या या मनोरोगी कहे जाने पर गुस्साने की बजाए कंगना का जवाब था कि उन्हें इन नामों से कोई हर्ज नहीं है। वो उन चीजों का जवाब देना जरूरी नहीं समझती जिनका फैसला अदालत में होना है।
लगातार रितिक रोशन के साथ अपने पुराने रिश्ते को साबित करने के आरोपों का सामना कर रहीं कंगना मानती हैं कि जब महिलाएं अपनी सफलता और तानों से सामने वाले को मार सकती हैं, तो हाथों की क्या जरूरत।
कंगना का कहना था कि किसी महिला को बेइज्जत करने के लिए उसे मनोरोगी कह देना आसान है लेकिन कह देने से ऐसा हो नहीं जाता। उन्होंने पर्दे पर मनोरोगी और वेश्या का भी किरदार निभाया है इसलिए वे निजी जिंदगी में इन नामों से बुलाए जाने पर शर्म महसूस नहीं करतीं।
गौरतलब है कि कंगना रनौत के खिलाफ रितिक ने कोर्ट में केस दर्ज करवाया है। उन्होंने दावा किया है कि कंगना ने उनके रिश्ते को लेकर झूठ बोला है। कंगना ने भी रितिक पर आरोप लगाए हैं कि वे उन्हें आपत्तिजनक तस्वीरें और ईमेल भेजते थे। मामला कोर्ट में है और सुनवाई चल रही है।