VIDEO: जब नातिन ने 'चीटिंग' करते पकड़ा नानी जया को, तो बाथरूम में अपनी कविता चिपकाते हैं बिग बी
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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की धर्मपत्नी होने के बावजूद एक्ट्रेस जया बच्चन का आभा मंडल उनकी मौजूदगी में भी कभी कम नहीं होता। मुंबई में एक पुस्तक विमोचन समारोह में अमिताभ और जया बच्चन एक साथ शिरकत की। बिग बी और जया के समारोह में पहुंचते ही रौनक बढ़ गई। इस दौरान दोनों ने बारी-बारी बेहद खुशनुमा अनुभव शेयर किए। इस वीडियो में खुद ही देख लीजिए
चलिए मैं आपको एक कहानी सुनाती हूं, मेरी दो नातिन हैं यानी मेरी बेटी की बेटी नव्या नवेली। मैं उसके लिए कई तरह की कहानियां बनाया करती थी और अक्सर जब हम बच्चों को हिंदी की कहानियां सुनाते हैं तो वह कुछ इस तरह शुरू होती हैं- एक था राजा और एक थी रानी। मैंने अपने ससुर जी को भी इस तरह की कहानी की शुरुआत करते हुए सुना है। हमेशा की तरह राजा और रानी जंगलों में खो जाया करते थे जिसके चलते महाराजा और महारानी परेशान हो जाया करते थे।
इसी तरह मुझे रोज कहानी में नईं-नईं बातें जोड़नी पड़ती थी। खैर शुक्र है कि वह दिल्ली में रहती है तो कुछ दिन के लिए मुझे राहत मिल जाती थी। फिर मेरी बेटी को दूसरा बच्चा हुआ और अब मुझे उन दोनों को कहानी सुनानी पड़ती थी। फिर मैंने वही कहानी दोहरानी शुरू कर दी। बस कुछ और नई बातें जोड़कर और इस बारी राजा पर ज्यादा दिन करती थी। यर सिलसिला रात में ही दोहराया जाता था जब दोनों के सोने का समय हो जाता था। वह दोनों बंकर बैड पर सोया करते थे। बड़ी वाली ऊपर और छोटा नीचे।
इसी तरह एक रात नव्या ने नीचे मेरी तरफ झांकते हुए कहा 'नानी, क्या हम आज कोई नई कहानी नहीं सुन सकते? इसके बाद जया ने घर में मौजूद लाइब्रेरी की किताबों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि जो किताबें में पढ़कर बाहर भिजवा दिया करती थी वो अमित जी के कहने पर वापस आ जाया करती थी। ऐसे में शेफ में किताबें रखने की जगह भी नहीं बची हैं।
इसके बाद बिग बी ने भी अपने अनुभव शेयर किए। उन्होंने कहा ' सबसे पहले दिमाग में यह आता है कि किसी ने सच में मेरा लिखा हुआ पढ़ा है? दूसरा सवाल यह आता है कि अगर हमारा काम कोई न देखे तो यह काफी बुरा है। पर इसके बाद भी मैं आलोचना स्वीकार करता हूं, क्योंकि उसके अलावा आपके कार्य की असलियत और उसका प्रभाव क्या पड़ता है यह कौन बताएगा?
यह आम बात है कि जो मैंने किया है, उसे कई लोग अलग नजरिए से देख सकते हैं। कई बार यह बातें हम तक पहुंच नहीं पाती पर कभी-कभी अखबार में छप जाती हैं। इन हालात में जब मुझे वह गलत लगता है तब मैं उसे काट लेता हूं और अपने बाथरूम की दीवार पर लगा देता हूं और हर सुबह उठकर शीशे में देखकर यह कहता हूं कि एक दिन मैं तुम्हें गलत साबित करके रहूंगा।'