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कंगना रणौत की याचिका पर जावेद अख्तर ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की केविएट याचिका, कहा- मेरा पक्ष भी सुना जाए

Wed, 03 Mar 2021 10:48 PM IST
विजयाश्री गौर एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: विजयाश्री गौर Updated Wed, 03 Mar 2021 10:48 PM IST
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Javed Akhtar file caveat in supreme court against Kangana Ranaut transfer petition
कंगना रणौत , जावेद अख्तर - फोटो : Twitter- @Teamkangana, PTI

बॉलीवुड जगत के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने कंगना रणौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में केविएट याचिका दायर की है। जावेद अख्तर ने कंगना रणौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ मुंबई में चल रहे तीनों केस को हिमाचल प्रदेश में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका के संबंध में केविएट दायर की है।

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बता दें कि कैविएट किसी वादी द्वारा उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में यह सुनिश्चित करने के लिये डाली जाती है कि उसका पक्ष सुने बिना उसके खिलाफ कोई विपरीत आदेश पारित नहीं किया जाए। अब कंगना वाले मामले में जावेद अख्तर ने ये कदम उठाया है।
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कंगना रणौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल ने 2 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ मुंबई में केस चलते हैं तो उनकी संपत्ति और जान को खतरा है। उन्होंने शिवसेना नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वो उनके प्रति द्वेष रखते हैं जिसकी वजह से उनकी जान को खतरा है। 
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बता दें कि जावेद अख्तर ने टीवी साक्षात्कारों में उनके खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक और निराधार टिप्पणी करने के लिये अभिनेत्री के खिलाफ अंधेरी के मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट के समक्ष आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अभिनेत्री के खिलाफ आईपीसी की प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि कंगना ने अख्तर के खिलाफ निराधार टिप्पणी की, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ।


वहीं कंगना रणौत ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और शिकायतों की सुनवाई के स्थानांतरण की मांग की है। इन शिकायतों में अख्तर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत भी शामिल है। उनकी याचिका में कहा गया कि उनकी जान को खतरा देखते हुए गृह मंत्रालय ने उन्हें वाई-प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दे रखी है। इससे साफ है कि उनके खिलाफ चल रहे केस को हिमाचल प्रदेश में अगर स्थानांतरित नहीं किया गया तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।
 

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