Iftekhar Birthday: विभाजन के बाद पाकिस्तान नहीं गए इफ्तेखार, फिल्मों में पुलिस अफसर बनकर हुए खूब लोकप्रिय
Iftekhar Birth Anniversary: अभिनेता इफ्तेखार खान बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। बेहतरीन अभिनेता होने के साथ उन्हें गायन और पेटिंग में भी महारत हासिल थी।
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22 फरवरी 1924 को जालंधर में जन्म लेने वाले इफ्तेखार खान ने अपनी मेहनत, संघर्ष और समर्पण से बॉलीवुड में एक अहम स्थान बनाया था। उन्हें खासतौर पर पुलिस अफसर के दमदार किरदारों के लिए जाना जाता था। इन पात्रों की वजह से उन्हें 'द रियल पुलिस ऑफ बॉलीवुड' भी कहा जाता था। अपने फिल्मी करियर में उन्होंने राजेश खन्ना से लेकर अमिताभ बच्चन तक के साथ पर्दे पर अभिनय किया और अपनी अदाकारी से गहरी छाप छोड़ी।
इफ्तेखार का सपना कभी एक सिंगर बनने का था। वह मशहूर गायक कुंदनलाल सहगल से काफी ज्यादा प्रभावित थे। अपने गायन के हुनर को निखारने के लिए उन्होंने कोलकाता में संगीतकार कमल दासगुप्ता के यहां ऑडिशन भी दिया था। कमल दासगुप्ता ने उनके व्यक्तित्व को देखकर उन्हें अभिनेता बनने की सलाह दी। एमवी प्रोडक्शन में कमल की सिफारिश से इफ्तेखार को फिल्मों में अभिनय का मौका मिला। इस तरह उनका सफर एक गायक से मुड़कर अभिनेता बनने की ओर बढ़ा। इसके बाद उन्होंने 1944 में फिल्म तकरार से अपने करियर की शुरुआत की।
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इफ्तेखार का परिवार विभाजन के समय पाकिस्तान चला गया, लेकिन उन्होंने भारत में ही रहने का निर्णय लिया। बंबई (अब मुंबई) आकर उन्होंने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन यहां उनका समय आसान नहीं था। आर्थिक तंगी और संघर्षों से गुजरने के दौरान दौरान वह अभिनेता अशोक कुमार से मिले। इसके बाद उन्हें छोटे मोटे रोल मिलने शुरू हो गए। गायक और अभिनेता के साथ इफ्तेखार एक अच्छे पेंटर भी थे।
इफ्तेखार ने बॉलीवुड में करीब 400 फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी अधिकांश भूमिकाएं पुलिस अफसर, जज, डॉक्टर के रूप में रहीं। फिल्म इत्तेफाक में पुलिस अफसर का उनका किरदार इतना प्रभावशाली था कि इसके बाद इस तरह के रोल उन्हें बार-बार मिलने लगे। उन्होंने जंजीर, दीवार, डॉन जैसी फिल्मों में भी दमदार पुलिस की भूमिका निभाई। इफ्तेखार का पुलिस अफसर के रूप में इतना प्रभाव था कि असल जिंदगी में लोग उन्हें पुलिस अधिकारी समझकर सलाम किया करते थे। ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े पुलिसकर्मी ने उन्हें देखकर अक्सर सैल्यूट किया करते थे।
इफ्तेखार का निजी जीवन भी उतार-चढ़ाव से भरा था। उन्होंने कोलकाता की यहूदी महिला हन्ना जोसेफ से विवाह किया था, जिन्होंने अपना नाम बदलकर रेहाना अहमद रख लिया था। उनकी दो बेटियां सलमा और सईदा थीं। इफ्तेखार के निजी जिंदगी की बात करें तो एक दिल दहला देने वाली घटना ने उनके जीवन को बदलकर रख दिया था। उनकी छोटी बेटी सईदा को कैंसर हो गया और 7 फरवरी 1995 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। सईदा की मौत का सदमा इफ्तेखार को इतना गहरा था कि वे अंदर ही अंदर टूट गए थे। अपनी बेटी के निधन के 21 दिन बाद 1 मार्च 1995 को इफ्तेखार का भी निधन हो गया।